लखनऊ, 8 नवंबर 2025। Yogi Government Decisions: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपने सात वर्षों के कार्यकाल में आम आदमी की जिंदगी को आसान बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। जमीन, कानून, भर्ती, शादी और आर्थिक सहायता जैसे क्षेत्रों में सुधारों ने न केवल किसानों व श्रमिकों को मजबूत किया है, बल्कि जातिगत भेदभाव को भी जड़ से समाप्त करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। ये नीतियां सभी वर्गों और जातियों के लिए समान रूप से लागू हैं, जो सामाजिक समानता को बढ़ावा देंगी। आइए जानते हैं इन प्रमुख बदलावों के बारे में।
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बेटियों की शादी पर एक लाख की सहायता
प्रदेश सरकार ने पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की बेटियों के विवाह को प्रोत्साहन देने के लिए एक लाख रुपये तक की आर्थिक मदद की घोषणा की है। इस योजना को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया, सामान्य विवाह के लिए 65,000 रुपये, अंतरजातीय विवाह के लिए 75,000 रुपये और सामूहिक विवाह के लिए 85,000 रुपये। इसके अतिरिक्त, आयोजन खर्च के लिए 15,000 रुपये अलग से दिए जाएंगे। यह कदम श्रमिक परिवारों की आर्थिक बोझ कम करेगा और सामाजिक एकता को मजबूत करेगा।
धान छूट और गन्ना मूल्य वृद्धि
किसान कल्याण के लिए मुख्यमंत्री योगी ने नॉन-हाइब्रिड धान की कुटाई पर 1 प्रतिशत रिकवरी छूट का ऐलान किया है। इससे 13-15 लाख किसानों और 2000 से अधिक राइस मिलों को फायदा होगा। इसी क्रम में, 2025-26 पेराई सत्र के लिए अगैती गन्ना प्रजाति का मूल्य 400 रुपये प्रति क्विंटल और सामान्य प्रजाति का 390 रुपये कर दिया गया है। पहले ये क्रमशः 370 और 360 रुपये थे, यानी 30 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी। ये फैसले अन्नदाताओं की आय दोगुनी करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में हाउस लोन की नई सुविधा
ग्रामीण आबादी अभिलेख विधेयक-2025 को मंजूरी देकर सरकार ने गांवों में अविवादित भूमि पर मालिकाना हक सुनिश्चित किया है। अब ग्रामीण बैंकों से आसानी से लोन लेकर घर बना सकेंगे। यह कदम ग्रामीण विकास को गति देगा और आवास की समस्या को हल करेगा।
भर्ती में पारदर्शिता
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के माध्यम से ग्रुप बी गजेटेड पदों की भर्ती को तेज और निष्पक्ष बनाने के लिए ‘सीधी नियुक्ति (स्क्रीनिंग परीक्षा) नियम, 2025’ लागू किया गया है। अब एक स्क्रीनिंग परीक्षा के जरिए प्रक्रिया मानकीकृत होगी, जो भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेंकेगी।
जातिगत भेदभाव पर सख्ती
इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश पर सरकार ने सार्वजनिक दस्तावेजों में जाति उल्लेख प्रतिबंधित कर दिया है। अब FIR या गिरफ्तारी मेमो में केवल माता-पिता के नाम लिखे जाएंगे। यह कदम जाति आधारित राजनीति और भेदभाव को समाप्त करने में अहम भूमिका निभाएगा।
शहरी प्लॉट पर मिक्स यूज की मंजूरी
शहरी निवासियों को राहत देते हुए 100 वर्ग मीटर तक के आवासीय प्लॉट पर दुकान या कार्यालय बनाने की अनुमति दे दी गई है। 30 वर्ग मीटर तक के व्यावसायिक प्लॉट पर नक्शा पास की जरूरत भी खत्म। इससे शहरी विकास को नई गति मिलेगी।
संविदा कर्मियों के लिए नॉन-प्रॉफिट कंपनी
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम लिमिटेड का गठन किया, जो GEM पोर्टल पर पारदर्शी तरीके से एजेंसियों का चयन करेगी। संविदा कर्मियों को 16-20 हजार रुपये मासिक मानदेय और तीन वर्ष की नियुक्ति मिलेगी।
शादी पंजीकरण में लचीलापन
विवाह पंजीकरण अब वैवाहिक स्थल के बजाय वर-वधू या माता-पिता के निवास स्थान पर होगा। परिवार के एक सदस्य की उपस्थिति अनिवार्य होगी, अन्यथा पंडित/मौलवी/पादरी को शपथपत्र और वीडियो गवाही देनी पड़ेगी।
नगर निगमों में एकीकृत बिलिंग सिस्टम
लखनऊ, कानपुर, आगरा, प्रयागराज, वाराणसी और झांसी के छह नगर निगमों में गृह कर, जल कर, जल मूल्य और सीवर का एक सालाना एकीकृत बिल जारी होगा। नागरिक एकमुश्त या त्रैमासिक भुगतान चुन सकेंगे, जो प्रक्रिया को सरल बनाएगा।
आबकारी नीति में ई-लॉटरी और नए पैक
2025-26 आबकारी नीति में देशी-विदेशी शराब, बीयर व भांग की दुकानों के लाइसेंस ई-लॉटरी से दिए जाएंगे। एक व्यक्ति को अधिकतम दो दुकानें मिलेंगी। अब 60-90 मिलीलीटर पैक में विदेशी मदिरा उपलब्ध होगी, और अंग्रेजी शराब-बीयर एक ही दुकान से बिकेगी। ये बदलाव योगी सरकार की जनकल्याणकारी सोच को दर्शाते हैं, जो उत्तर प्रदेश को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं।
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