मथुरा/आगरा, 17 दिसंबर 2025। Yamuna Expressway Accident: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में यमुना एक्सप्रेसवे पर मंगलवार तड़के (16 दिसंबर 2025) घने कोहरे के कारण हुआ भीषण सड़क हादसा हो गया। माइलस्टोन 127 के पास जीरो विजिबिलिटी में पहले दो कारें (अर्टिगा और स्विफ्ट डिजायर) आपस में टकराईं। दोनों के ड्राइवर सड़क पर उतरकर बहस करने लगे।
इसी दौरान पीछे से आ रही ब्रेजा कार और फिर एक के बाद एक सात स्लीपर बसें व एक रोडवेज बस टकराती चली गईं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कई वाहनों में आग लग गई और लपटें 70 मीटर तक फैल गईं। आग की तीव्रता ऐसी थी कि 10 मीटर के दायरे में सब कुछ राख हो गया। इस हादसे में 13 लोग जिंदा जल गए, जबकि 100 से अधिक यात्री घायल हो गए। अधिकांश घायलों की हड्डियां टूट गईं, सिर, हाथ-पैर और कंधों में गंभीर चोटें आईं।

हादसा सुबह करीब 4:30 बजे हुआ जब ज्यादातर यात्री स्लीपर बसों में गहरी नींद में थे। बसें पूरी तरह पैक थीं, करीब 400 से ज्यादा यात्री सवार थे और सामान भी भरा हुआ था। टक्कर के बाद यात्रियों को संभलने का मौका ही नहीं मिला। भागने की कोशिश में लोगों ने इमरजेंसी खिड़कियों का सहारा लिया, लेकिन ये खिड़कियां काफी छोटी और ऊंचाई पर होने से निकलना मुश्किल था। सामान व पर्दों से आग तेजी से भड़की। अंत में शीशे तोड़कर यात्रियों को बाहर निकाला गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दो कार चालकों की बहस ने चेन रिएक्शन शुरू किया, जिससे यह भीषण हादसा हुआ। एडीजी आगरा जोन अनुपम कुलश्रेष्ठ ने मौके का निरीक्षण कर बताया कि पुलिस की पीआरवी टीम्स 6 से 13 मिनट में पहुंच गईं, इसके बाद दमकल और रेस्क्यू शुरू हुआ। मथुरा सहित आसपास के जिलों से बचाव दल आए और कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को निकाला गया।

रेस्क्यू करीब 5 घंटे चला, इस दौरान एक्सप्रेसवे की आगरा से नोएडा लेन बंद रही और ट्रैफिक डायवर्ट किया गया। घायलों को मथुरा, वृंदावन और आगरा के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। यह हादसा कोहरे में रफ्तार का खतरनाक नतीजा है। 2012 से 2023 तक यमुना एक्सप्रेसवे पर कोहरे से 338 हादसे हो चुके हैं, जिनमें 75 मौतें और 665 गंभीर घायल हुए।
विशेषज्ञों का कहना है कि घने कोहरे में एक्सप्रेसवे बंद करने के प्रावधान हैं, लेकिन अमल नहीं होता। सीएम योगी आदित्यनाथ और पीएम मोदी ने शोक जताया, मृतकों के परिजनों को मुआवजा घोषित किया गया। जांच कमेटी गठित हो चुकी है।
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