इंदौर, 3 जनवरी 2026। Water Testing: मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में दूषित पेयजल की वजह से हुई त्रासदी ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में नर्मदा जल पाइपलाइन में सीवेज का पानी मिलने से बैक्टीरियल संक्रमण फैला, जिसके कारण अब तक 10 से 15 लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों लोग अस्पतालों में भर्ती हैं।
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इस घटना ने नगर निगमों की जल आपूर्ति व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इसी क्रम में हरियाणा के फरीदाबाद नगर निगम (MCF) ने तत्काल सतर्कता बरतते हुए बड़ा कदम उठाया है। निगम ने शहर के चारों जोनों के सभी 46 वार्डों में व्यापक स्तर पर पानी की टेस्टिंग के आदेश जारी किए हैं, ताकि ऐसी कोई अनहोनी फरीदाबाद में न हो।
इंदौर की घटना में मुख्य पाइपलाइन में लीकेज के कारण सीवेज पानी का मिश्रण हुआ था, जिससे ई. कोलाई और अन्य हानिकारक बैक्टीरिया पानी में घुल गए। लैब रिपोर्ट्स में 26 से अधिक सैंपलों में संक्रमण की पुष्टि हुई। नगर निगम की लापरवाही के आरोप लगे, जिसके बाद अधिकारियों को सस्पेंड किया गया और जांच समिति गठित की गई।
इस हादसे ने देशभर के नगर निकायों को अलर्ट कर दिया है। फरीदाबाद में भी पानी की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें समय-समय पर आती रही हैं, इसलिए MCF कोई रिस्क न लेते हुए तुरंत एक्शन मोड में आ गया। फरीदाबाद नगर निगम के कमिश्नर ने सभी जोनल अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि हर वार्ड से पानी के सैंपल लिए जाएं और लैब में टेस्टिंग कराई जाए।
विशेष रूप से पुरानी पाइपलाइनों, टैंकर सप्लाई और मुख्य जल स्रोतों पर फोकस किया जा रहा है। टेस्टिंग में बैक्टीरिया, क्लोरीन लेवल, टीडीएस और अन्य पैरामीटर्स की जांच शामिल है। अगर कहीं कोई समस्या मिली तो तुरंत पाइपलाइन रिपेयर, फ्लशिंग और क्लोरीनेशन का काम शुरू किया जाएगा। साथ ही सभी को अलर्ट रहने और संदिग्ध पानी न पीने की सलाह दी गई है।
निगम की टीमें घर-घर जाकर जागरूकता अभियान भी चला रही हैं। यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि फरीदाबाद एक तेजी से बढ़ता औद्योगिक शहर है, जहां पानी की डिमांड बहुत ज्यादा है। यहां रैन वाटर हार्वेस्टिंग और ग्राउंड वाटर पर निर्भरता अधिक है, लेकिन पाइपलाइन नेटवर्क पुराना होने से लीकेज की शिकायतें आम हैं।
इंदौर की घटना से सबक लेते हुए MCF का यह फैसला सराहनीय है। इससे न केवल पानी की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि जनता का विश्वास भी मजबूत होगा।देशभर में जल जीवन मिशन के तहत साफ पानी पहुंचाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन इंदौर जैसी घटनाएं बताती हैं कि रखरखाव और नियमित मॉनिटरिंग कितनी जरूरी है।
उम्मीद है कि फरीदाबाद जैसे अन्य शहर भी इसी तरह सतर्क रहें, ताकि कोई और परिवार इस तरह की त्रासदी का शिकार न हो। निगम का यह अभियान जल्द पूरा हो और रिपोर्ट्स सार्वजनिक की जाएं, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
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