सावधानियां
बंद या पुराने घर से सावधानी
मिट्टी और इतिहास जांचें
दुर्गा सप्तशती या सुंदरकांड का पाठ
अनिष्ट शांति के लिए दुर्गा सप्तशती (चंडी पाठ) या सुंदरकांड का पाठ करवाएं या खुद करें।
घर की ग्रहदशा के अनुसार संबंधित ग्रह मंत्र (जैसे सर्व बाधा निवारण मंत्र) का जाप करवाएं।
यह बुरी शक्तियों, नजर दोष और रुके कार्यों को दूर करने में बहुत प्रभावी है।
अशोक वृक्ष के पत्तों का उपाय
अशोक के 7 पत्ते मंदिर में रखकर पूजा करें।
सूखने पर नए पत्ते रखें और पुराने को पीपल के पेड़ के नीचे रख दें।
नियमित करने से घर भूत-प्रेत बाधा, नजर दोष और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्त हो जाता है।
अशोक के पत्ते शोक दूर करने और सकारात्मकता लाने के लिए प्रसिद्ध हैं। (कई वास्तु विशेषज्ञ इसे मुख्य द्वार पर बंदनवार के रूप में भी सुझाते हैं)
अन्य वास्तु उपाय
समुद्री नमक (सी सॉल्ट) कोनों में रखें या पोछे में मिलाकर लगाएं – नकारात्मक ऊर्जा सोख लेता है।
घर में तुलसी, मनी प्लांट या लकी बैंबू लगाएं, खासकर उत्तर-पूर्व दिशा में।
घर को हमेशा साफ-सुथरा रखें, प्राकृतिक रोशना और हवा आने दें।
रोज कपूर, लौंग या गुग्गुल जलाएं।
अशोक-अम के पत्तों की बंदनवार लगाएं।
ये उपाय अपनाने से घर की ऊर्जा संतुलित होती है और रुके कार्य पूरे होने लगते हैं। अगर समस्या गंभीर लगे, तो किसी अनुभवी वास्तु विशेषज्ञ या पंडित से सलाह लें। सकारात्मक सोच और विश्वास से बदलाव जल्दी दिखता है!
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