लखनऊ, 5 दिसंबर 2025। UP SIR: उत्तर प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को योगी सरकार ने पूरी तरह युद्धस्तर पर ले लिया है। 11 दिसंबर 2025 तक हर पात्र नागरिक का SIR फॉर्म भरवाने का लक्ष्य रखते हुए सरकार ने अनोखा प्लान बनाया है। पूरे 75 जिलों को तीन हिस्सों में बांट दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दोनों उपमुख्यमंत्रियों केशव प्रसाद मौर्य व बृजेश पाठक को 25-25 जिले आवंटित कर दिए गए हैं।
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हर नेता अपने-अपने जिलों में BLO और अधिकारियों की बैठकें लेकर काम की मॉनिटरिंग खुद कर रहे हैं। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रयागराज से इस अभियान की शुरुआत करते हुए साफ कहा, “कोई भी पात्र मतदाता वंचित न रहे, लेकिन मृत व्यक्तियों का नाम, घुसपैठियों का नाम और डुप्लीकेट नाम तुरंत हटाया जाए।” उन्होंने BLO को खुली चेतावनी दी – “ममता बनर्जी, अखिलेश यादव और राहुल गांधी के चक्कर में मत पड़िए। यह लोकतंत्र की शुद्धिकरण प्रक्रिया है, डरने की कोई बात नहीं। हिम्मत से काम करें।”
मौर्य ने आगे कहा, “स्वर्गीय व्यक्ति का नाम वोटर लिस्ट में रहना लोकतंत्र का अपमान है। घुसपैठिए अगर तुष्टिकरण की राजनीति के कारण घुस आए हैं तो उनका नाम भी कटना चाहिए। जिसका एक से ज्यादा वोटर कार्ड है, वह एक ही जगह रहे और जिस युवा की उम्र 18 साल पूरी हो गई, उसका नाम जरूर जुड़े।” उन्होंने विपक्ष पर तंज कसा कि “बीजेपी हर जगह जीत रही है, इसलिए विपक्ष बौखलाया हुआ है और उल्टे-सीधे आरोप लगा रहा है।”
दूसरे उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने भी जनता से अपील की कि जो गणना पत्र (फॉर्म) मिला है, उसे भरकर BLO को जरूर जमा करें। साथ ही जिन्होंने अवैध रूप से घुसपैठ कर रखी है, उनके बारे में भी सूचना दें ताकि उनका नाम कट सके। सरकार का दावा है कि SIR के जरिए उत्तर प्रदेश की वोटर लिस्ट को 1 जनवरी 2026 तक पूरी तरह साफ-सुथरी और विश्वसनीय बनाया जाएगा।
पिछले दिनों गुजरात में 17 लाख मृत और लाखों डुप्लीकेट नाम पकड़े गए थे, उसी तर्ज पर यूपी में भी बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने आने की संभावना है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि SIR से सबसे ज्यादा नुकसान समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को हो सकता है, क्योंकि मुस्लिम और यादव बहुल क्षेत्रों में फर्जी वोटरों की संख्या ज्यादा बताई जा रही है। वहीं भाजपा इसे “लोकतंत्र की सबसे बड़ी सफाई” बता रही है।
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