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UP Migrant Verification: UP में काम करने वाले असम के हैं या बांग्लादेशी घुसपैठिए? CM योगी का सख्त आदेश, ये विशेष नंबर खोलेगा राज

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 लखनऊ, 24 नवंबर 2025। UP Migrant Verification:  उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ सालों से बड़ी संख्या में बाहर से आए मजदूर काम कर रहे हैं। इनमें से ज्यादातर लोग खुद को असम, बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों का बता रहे हैं, लेकिन संदेह है कि इनमें से कई बांग्लादेशी घुसपैठिए भी शामिल हैं। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में सख्त रुख अख्तियार करते हुए सभी जिला प्रशासन और पुलिस को निर्देश दिए हैं कि बाहर से आए हर मजदूर-कामगार की पूरी जांच की जाए।

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सीएम योगी ने साफ कहा है, “घुसपैठियों को किसी भी कीमत पर उत्तर प्रदेश में नहीं रहने दिया जाएगा,  जो अवैध रूप से रह रहे हैं, उन्हें चिन्हित कर बाहर किया जाए।” इसके लिए राज्य सरकार एक विशेष हेल्पलाइन नंबर जल्द जारी करने वाली है। इस नंबर पर कोई भी नागरिक शिकायत दर्ज करा सकेगा कि उसके इलाके में रहने वाला या काम करने वाला व्यक्ति संदिग्ध है या उसका व्यवहार संदेहास्पद है।

यूपी पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, विशेष रूप से निर्माण स्थलों, ईंट-भट्ठों, फैक्ट्रियों और खेतों में काम करने वाले मजदूरों की पहचान और आधार-आधारित सत्यापन अभियान चलाया जाएगा। जिनके पास वैध दस्तावेज नहीं होंगे या जो बांग्लादेशी होने का शक होगा, उन्हें हिरासत में लेकर एनआरसी और विदेशी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। पिछले कुछ महीनों में यूपी के कई जिलों, खासकर लखनऊ, गोरखपुर, बस्ती, देवरिया, आजमगढ़, मऊ, बलिया, गाजियाबाद और नोएडा में ऐसे सैकड़ों मामले सामने आए हैं, जहां बांग्लादेशी नागरिक फर्जी आधार कार्ड, वोटर आईडी और असम-बंगाल के नाम-पते दिखाकर रह रहे थे।

कई गिरफ्तार हुए लोगों ने पूछताछ में कबूल किया कि वे अवैध रूप से बॉर्डर पार करके आए हैं। सीएम योगी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि असली असमिया या पूर्वोत्तर के मजदूरों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, लेकिन घुसपैठिए को किसी सूरत में छूट नहीं मिलनी चाहिए। इसके लिए भाषा, बोली, स्थानीय ज्ञान और दस्तावेजों की गहन जांच होगी। यह अभियान इसलिए भी जरूरी माना जा रहा है क्योंकि अवैध घुसपैठिए न सिर्फ जनसंख्या असंतुलन पैदा कर रहे हैं, बल्कि अपराध, जाली दस्तावेज और आतंकी गतिविधियों में भी संलिप्तता के मामले बढ़े हैं।

योगी सरकार का कहना है कि उत्तर प्रदेश किसी भी कीमत पर घुसपैठियों का सुरक्षित ठिकाना नहीं बनेगा। आने वाले दिनों में जैसे ही विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी होगा, आम जनता भी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभा सकेगी।

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