वाराणसी, 2 नवंबर 2025। UP Blast proof Tunnel: उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर के नए दौर की शुरुआत करते हुए वाराणसी के बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट के रनवे के नीचे प्रदेश की पहली सिक्स लेन ब्लास्टप्रूफ टनल का निर्माण शुरू हो गया है। यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट सिडनी एयरपोर्ट की तर्ज पर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने का हिस्सा है, जहां बोइंग 777 जैसे विशालकाय विमानों और यहां तक कि अमेरिकी राष्ट्रपति के एयर फोर्स वन को भी उतारने की क्षमता विकसित की जा रही है।
रघुनाथपुर गांव में गुरुग्राम आधारित कल्लुवाला कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा शुरू हुए इस कार्य से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी यह एक मिसाल कायम करेगा। टनल इतनी मजबूत बनेगी कि 100 किलोग्राम से अधिक टीएनटी जैसे घातक विस्फोटकों का धमाका भी इसका बाल बांका नहीं कर पाएगा। यह 490 मीटर लंबी सिक्स लेन टनल वाराणसी-सलोनपुर-लखनऊ हाईवे (एनएच-31) का हिस्सा है। निर्माण के लिए मौजूदा हाईवे को लगभग 3 किलोमीटर तक डायवर्ट किया जाएगा।
टनल की गहराई करीब 10 मीटर और छत की मोटाई 2 मीटर होगी, जो भारी विमानों के लैंडिंग और टेकऑफ का पूरा भार सहन कर सकेगी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के तहत 325 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह टनल आपात स्थिति में बंकर के रूप में भी काम आएगी। एयरपोर्ट विस्तार पर कुल 900 करोड़ का खर्च आना है, जिसमें 75,000 वर्ग मीटर क्षेत्र का विकास शामिल है।
प्रोजेक्ट की खासियतें देखें तो यह केवल यातायात का माध्यम नहीं, बल्कि काशी की सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाने वाला सौंदर्य स्थल भी बनेगा। टनल की दीवारों पर काशी की ऐतिहासिक चित्रकारी और कृत्रिम वृक्षों पर 3डी लाइटिंग लगाई जाएगी, जो यात्रियों को रोमांचित कर देगी। इससे वाराणसी-जौनपुर और लखनऊ मार्ग पर ट्रैफिक जाम की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।
एयरपोर्ट के ऊपर से विमान उड़ान भरेंगे, तो नीचे से वाहन तेज गति से गुजरेंगे, एक परफेक्ट सिम्बायोसिस! यह प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘ट्रांसफॉर्मेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर’ विजन का प्रतीक है, जो काशी को वैश्विक हब बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। निर्माण के दौरान स्थानीय निवासियों को न्यूनतम असुविधा का ध्यान रखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। भविष्य में ऐसी टनलें अन्य शहरों में भी देखने को मिलेंगी, लेकिन यूपी की यह पहली सिक्स लेन ब्लास्टप्रूफ टनल इतिहास रचेगी। कुल मिलाकर, यह प्रोजेक्ट सुरक्षा, सुविधा और सौंदर्य का अनूठा संगम है, जो भारत की इंफ्रा क्षमता को दुनिया के सामने चमकाएगा।
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