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फर्जी नंबर प्लेट वाली कार से बुजुर्गों पर निशाना, दिल्ली में ‘लिफाफा गिरोह’ के तीन सदस्य गिरफ्तार

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लिफाफा गिरोह

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नई दिल्ली 14 अक्टूबर, 2025।  दिल्ली में अपराध की एक नई रणनीति ने बुजुर्गों को दहशत में डाल दिया है। ‘लिफाफा गिरोह’ नामक संगठित गिरोह फर्जी नंबर प्लेट लगी कारों से अकेले सफर करने वाले वरिष्ठ नागरिकों को अपना शिकार बनाता था। हरि नगर पुलिस ने सोमवार को इस गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया, जो सम्मोहन (हिप्नोटिज्म) की चालाकी से पीड़ितों को लूटते थे।

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गिरोह के सदस्य लिफ्ट देकर विश्वास जीतते, फिर लिफाफे में नकली नोट या गहने दिखाकर भ्रमित कर धन हड़प लेते। यह गिरफ्तारी एक 70 वर्षीय बुजुर्ग की शिकायत पर हुई, जिसकी लूट की घटना ने पुलिस को अलर्ट कर दिया। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गिरोह का यह तरीका बेहद खतरनाक था, क्योंकि वे बुजुर्गों की कमजोरी का फायदा उठाते थे।

गिरोह की चालाकी भरी रणनीति: लिफ्ट और सम्मोहन का जालगिरोह के सदस्य फर्जी नंबर प्लेट वाली कार में घूमते थे, जो आसानी से पहचान से बच जाती। वे मुख्य रूप से अकेले यात्रा कर रहे बुजुर्गों पर नजर रखते, जैसे बाजार से लौटते या पार्क में घूमते हुए। लिफ्ट देकर कार में बिठाने के बाद, वे बातचीत से विश्वास बनाते। फिर, सम्मोहन तकनीक से पीड़ित को भ्रमित करते, जिसमें लिफाफे में नकली नोट या चमकदार वस्तुएं दिखाई जातीं।  एक बार भ्रम में फंसने पर, वे बुजुर्गों के जेब से नकदी, गहने या कार्ड चुरा लेते। पुलिस जांच में पता चला कि गिरोह ने पिछले कुछ महीनों में दर्जनों ऐसी वारदातें कीं, जिनमें लाखों रुपये का नुकसान हुआ।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

हरि नगर थाने में 18 अक्टूबर को एक बुजुर्ग ने शिकायत दर्ज कराई कि कार में लिफ्ट लेने के बाद उसका 50 हजार रुपये लूट लिया गया। पुलिस ने तुरंत विशेष टीम गठित की। सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज की छानबीन और ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) तकनीक से फर्जी नंबर वाली कार की पहचान हुई। ट्रैप लगाकर तीनों आरोपी सभी दिल्ली निवासी को पकड़ा गया। आरोपी रवि, अमित और विजय ने पूछताछ में कबूल किया कि वे दक्षिण दिल्ली के इलाकों में सक्रिय थे। यह गिरफ्तारी शहर में बुजुर्गों की सुरक्षा को मजबूत करने का संकेत है।

बरामद सामान

गिरफ्तारी के दौरान कार की तलाशी में असली नंबर प्लेट, नकली गहने, लिफाफे भरे नोट और सम्मोहन के लिए इस्तेमाल होने वाली वस्तुएं बरामद हुईं। पुलिस ने गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश तेज कर दी है। डीसीपी ने कहा कि यह गिरोह संगठित अपराध का हिस्सा लगता है, और आगे की पूछताछ से बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए विशेष हेल्पलाइन शुरू की गई है।

दिल्ली पुलिस ने बुजुर्गों को अजनबियों से लिफ्ट न लेने, हमेशा साथी के साथ यात्रा करने और संदिग्ध व्यवहार पर तुरंत 100 नंबर डायल करने की सलाह दी। यह घटना शहरी अपराधों में बुजुर्गों को निशाना बनाने की बढ़ती प्रवृत्ति को उजागर करती है। प्रशासन ने सीसीटीवी नेटवर्क मजबूत करने और जागरूकता अभियान चलाने का ऐलान किया, ताकि ऐसी वारदातें रुकें।

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