नई दिल्ली, 13 नवंबर 2025। टाटा ग्रुप के निवेशकों के बीच एक नया दांव चल रहा है! बाजार की तेज रफ्तार में टाटा इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन (TICL) का शेयर ऐसा उछाल मार रहा है कि निवेशक इसे खरीदने के लिए लुटा रहे हैं। हालिया ट्रेडिंग सेशन में ये शेयर 200-डे मूविंग एवरेज (200-DMA) के ऊपर ब्रेकआउट हो चुका है, जिससे एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि ये जल्द ही 200 के पार पहुंच सकता है।
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वर्तमान में करीब 180-185 के आसपास ट्रेड कर रहा ये शेयर, Q2 अर्निंग्स प्रीव्यू और टाटा कैपिटल IPO की खबरों से चमक रहा है। टाटा ग्रुप की ये होल्डिंग कंपनी, जो टाटा मोटर्स, टाटा स्टील और अन्य सब्सिडियरीज में निवेश रखती है, ने हाल ही में 1:10 स्टॉक स्प्लिट की घोषणा की, जिससे लिक्विडिटी बढ़ी और रिटेल इन्वेस्टर्स की भीड़ उमड़ी। सितंबर 2025 में 53% की जबरदस्त रैली के बाद अक्टूबर में मामूली प्रॉफिट बुकिंग हुई, लेकिन अब फिर से बुलिश सेंटिमेंट लौट आया है।
टेक्निकल एनालिसिस के मुताबिक, RSI 55 पर न्यूट्रल जोन में है, जो एक्यूमुलेशन का संकेत दे रहा। वॉल्यूम स्पाइक्स 25 मिलियन शेयर्स डेली तक पहुंचे हैं, जो FIIs जैसे HDFC म्यूचुअल फंड की मजबूत पकड़ दिखाते हैं। क्यों है ये दांव हिट? टाटा कैपिटल का 15,512 करोड़ का IPO (अक्टूबर में लिस्टेड) ने TICL को वैल्यू अनलॉक किया, जहां इसका 2.15% स्टेक है। इसके अलावा, टाटा मोटर्स का डेमर्जर (CV और PV सेगमेंट्स में स्प्लिट) और EV पुश से ग्रुप की ग्रोथ स्टोरी मजबूत हुई।
एनालिस्ट्स 25% अपसाइड का कंसेंसस दे रहे हैं, जिसमें 12-18 महीनों में 20-30% रिटर्न्स की संभावना है। भारत की इंफ्रास्ट्रक्चर बूम (भारतमाला, गति शक्ति) और ग्रीन एनर्जी फोकस से फायदा मिलेगा। हालांकि, JLR की चाइना-यूरोप डिमांड स्लोडाउन और साइबर अटैक जैसे रिस्क्स से सावधानी बरतनी होगी। मार्केट एक्सपर्ट्स कहते हैं, “TICL का हायर हाई-हायर लो फॉर्मेशन बुलिश ट्रेंड कन्फर्म करता है। 50% फिबोनाची लेवल पर एक्यूमुलेशन दिख रहा, जो 200 तक रैली का रास्ता साफ करेगा।”
अगर Q2 रिजल्ट्स में PAT 15% YoY ग्रोथ दिखाए, तो ये शेयर 220-250 तक जा सकता है। लेकिन शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स के लिए 830-837 सपोर्ट लेवल पर नजर रखें।टाटा ग्रुप की ये स्टॉक न सिर्फ मल्टीबैगर रिटर्न्स (3 साल में 260%, 5 साल में 870%) दे चुकी, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की सवारी पर सवार है। निवेशक अगर लॉन्ग-टर्म होल्ड करें, तो ये दांव बड़ा जैकपॉट साबित हो सकता है। लेकिन रिस्क मैनेजमेंट जरूरी—मार्केट वोलेटाइल है!








