मेरठ, 7 दिसंबर 2025। SIR Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में मतदाता सूची में सबसे बड़ा सफाई अभियान शुरू हो गया है। निर्वाचन आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत अब तक 5 लाख से अधिक मतदाताओं को “संदिग्ध” श्रेणी में रखा गया है। इनमें मृत लोग, स्थायी रूप से दूसरे जिलों-राज्यों में चले गए लोग और मौके पर नहीं मिलने वाले मतदाता शामिल हैं। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि जो लोग निर्धारित समय में अपनी पहचान व निवास के वैध दस्तावेज नहीं दे पाएंगे, उनके नाम हमेशा के लिए वोटर लिस्ट से हटा दिए जाएंगे।
इसे भी पढ़ें- UP SIR: योगी सरकार का मेगा प्लान, CM + दोनों डिप्टी CM को बांटें 75 जिले, घुसपैठिए और भूत वोटरों पर सर्जिकल स्ट्राइक!
4 नवंबर से शुरू हुई SIR प्रक्रिया में अब तक करीब 94% मतदाताओं की जानकारी अपडेट हो चुकी है, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि करीब 33 हजार मतदाताओं ने घर पहुंचाए गए फॉर्म ही जमा नहीं किए। सबसे खराब हालत कैंट विधानसभा क्षेत्र की है, जहां करीब 1.20 लाख नाम कटने की कगार पर हैं। सरधना विधानसभा में भी 82 हजार से ज्यादा वोटरों पर संकट मंडरा रहा है। निर्वाचन आयोग ने समय-सारिणी भी जारी कर दी है
16 दिसंबर 2025 को वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट प्रकाशित होगा
15 जनवरी 2026 तक दावा-आपत्ति दर्ज की जा सकेंगी
16 दिसंबर से 7 फरवरी 2026 तक संदिग्ध मतदाताओं को नोटिस भेजे जाएंगे
जिलाधिकारी ने रविवार (अंतिम बूथ दिवस) को बेहद अहम बताया है। इस दिन सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक सभी बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) अपने-अपने बूथों पर मौजूद रहेंगे। जो लोग अब तक फॉर्म नहीं भर पाए हैं या जिनका नाम कटने का खतरा है, वे आधार कार्ड, बिजली बिल, राशन कार्ड जैसे दस्तावेज लेकर पहुंचकर अपना नाम बचा सकते हैं। इसी दिन नया नाम जोड़ना, पता बदलना या अन्य संशोधन भी कराए जा सकते हैं।
प्रशासन का कहना है कि यह अभियान पूरी तरह पारदर्शी है और इसका मकसद फर्जी वोटिंग रोकना तथा वोटर लिस्ट को 100% शुद्ध करना है। मेरठ की सातों विधानसभा सीटों पर होने वाले इस बड़े शुद्धिकरण से आने वाले विधानसभा चुनावों पर भी गहरा असर पड़ेगा।
इसे भी पढ़ें- Gujarat SIR: SIR अभियान ने खोली वोटर लिस्ट की पोल, 17 लाख मरे हुए, 30 लाख माइग्रेटेड, 3.25 लाख डुप्लीकेट!








