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SIR in UP: अभी वापस नहीं मिले पौने 3 करोड़ SIR फॉर्म, चुनाव आयोग से मांगी गई एक हफ्ते की मोहलत  

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SIR in UP

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लखनऊ, 9 दिसंबर 2025। SIR in UP:  उत्तर प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान में बड़ा झटका लगा है। प्रदेश के 15.44 करोड़ मतदाताओं में से करीब पौने तीन करोड़ (17.7%) घरों से गणना प्रपत्र (फॉर्म) अब तक वापस नहीं आए हैं। बीएलओ की रिपोर्ट के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने भारत चुनाव आयोग से अभियान की समय-सीमा एक सप्ताह और बढ़ाने का अनुरोध किया है।

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सूत्रों के अनुसार, यह फैसला 11 दिसंबर से पहले कभी भी आ सकता है। फिलहाल फॉर्म भरने और जमा करने की अंतिम तिथि 11 दिसंबर है, जिसे पहले 30 नवंबर से बढ़ाकर 4 दिसंबर और फिर 11 दिसंबर किया गया था। अब तीसरी बार समय बढ़ने की पूरी संभावना है। प्रदेश में 80% से ज्यादा फॉर्म वापस आ चुके हैं और डिजिटाइजेशन का काम 97.3% पूरा हो चुका है, लेकिन 2.75 करोड़ से अधिक फॉर्म अभी भी लंबित हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे अपने कार्यकर्ताओं से इन फॉर्मों को शत-प्रतिशत जमा करवाने में मदद करें। सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे दोबारा सत्यापन करें कि क्या वाकई इन घरों तक पहुंचना संभव नहीं था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गाजियाबाद, आगरा और मुरादाबाद में SIR की समीक्षा की। उन्होंने इसे “लोकतंत्र का बूस्टर डोज” बताते हुए जनप्रतिनिधियों से कहा कि शादी-ब्याह के कार्यक्रम कम करें और जनता के बीच ज्यादा समय दें।

सीएम ने साफ कहा कि बांग्लादेशी व रोहिंग्या घुसपैठियों की पहचान कर उनके नाम वोटर लिस्ट से हटवाएं और उन्हें डिटेंशन सेंटर भेजने की प्रक्रिया शुरू करें। साथ ही नवविवाहित लड़कियों के वोट मायके- ससुराल दोनों जगह न बने, इसके लिए विशेष ध्यान देने को कहा। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि अगर किसी का नाम SIR कॉम्पैटिबल लिस्ट में नहीं है तो उस पर कोई आपराधिक कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन वेरिफिकेशन नोटिस मिल सकता है। ऐसे मतदाताओं को निर्धारित पहचान-पत्र दिखाना होगा। नए साल में 5 जनवरी 2026 को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट प्रकाशित होगी और इसके बाद दावे-आपत्तियां ली जाएंगी।

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