नई दिल्ली, 13 अक्टूबर 2025। Signature View Apartment: दिल्ली के मुखर्जी नगर इलाके में स्थित सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट को लेकर नगर निगम (एमसीडी) ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। सोमवार, 13 अक्टूबर 2025 को पुलिस फोर्स की मजबूत मौजूदगी में बिजली और पानी के कनेक्शन काटने की प्रक्रिया धरातल पर उतर आई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। अपार्टमेंट को रिहायशी उपयोग के लिए असुरक्षित घोषित करने के बाद दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर यह कदम उठाया गया है।
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कुल 336 फ्लैट मालिकों में से लगभग 280 ने 12 अक्टूबर तक अपनी संपत्तियां खाली कर ली थीं, लेकिन बाकी 55-56 निवासियों ने व्यक्तिगत कारणों से ऐसा नहीं किया। अब तक करीब दो दर्जन कनेक्शन काटे जा चुके हैं, और कार्रवाई आगे जारी रहेगी। यह अपार्टमेंट 2007 से 2009 के बीच बनाया गया था, जिसमें 12 टावर हैं दस, दस मंजिला और दो छह मंजिला। 2011-12 में अलॉटमेंट के बाद कुछ ही वर्षों में संरचनात्मक कमियां उजागर हो गईं।

एमसीडी ने पिछले साल इसे खतरनाक घोषित कर दिया, जबकि डीडीए ने 2021-22 में आईआईटी-दिल्ली के माध्यम से स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया। ऑडिट रिपोर्ट में इमारतों को तत्काल खाली करने और ध्वस्त करने की सिफारिश की गई थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने 17 सितंबर 2025 को सिंगल जज के 2024 के फैसले को बरकरार रखते हुए 12 अक्टूबर तक खाली करने की समय सीमा तय की।
कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि, जब एमसीडी और डीडीए को लगे कि इमारत जर्जर है या गिरने का खतरा है, तो उन्हें खाली कराने का पूर्ण अधिकार है। कार्रवाई के दौरान निवासियों का भारी विरोध हुआ। सुबह से ही सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए और एमसीडी अधिकारियों से अतिरिक्त समय की मांग करने लगे। हंगामे के कारण प्रक्रिया में देरी हुई, लेकिन पुलिस हस्तक्षेप के बाद दोपहर तक बिजली विभाग (टीपीडीडीएल) और दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) की टीमें सक्रिय हो गईं।
निवासियों ने चिल्लाते हुए कहा, “हम कहां जाएं? बिना वैकल्पिक व्यवस्था के यह अन्याय है।” आरडब्ल्यूए अध्यक्ष अमनेंद्र के राकेश ने बताया कि लगभग 210 परिवार पहले ही शिफ्ट हो चुके हैं, लेकिन बाकियों को दस्तावेजों और बकाया भुगतान के लिए परेशानी हो रही है। उन्होंने डीजेबी से कैंप लगाने की मांग की ताकि क्लोजर सर्टिफिकेट आसानी से मिल सकें।
एमसीडी के सिविल लाइंस जोन के उपायुक्त अंशुल सिरोही की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया, जिसमें डीजेबी और टीपीडीडीएल को 13 अक्टूबर से सभी सेवाएं बंद करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि अब कोई ठहराव निवासियों के अपने जोखिम पर होगा। डीडीए पुनर्विकास की योजना बना रहा है, लेकिन फिलहाल निवासियों को अशोक विहार जैसे वैकल्पिक स्थानों पर शिफ्ट होने की सलाह दी जा रही है।
इस कार्रवाई से न केवल सिग्नेचर व्यू के निवासी प्रभावित हुए, बल्कि पूरे मुखर्जी नगर में कोचिंग सेंटरों और छात्रों के बीच भी चिंता की लहर दौड़ गई, क्योंकि यह इलाका शिक्षा हब के रूप में जाना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी अवैध या असुरक्षित इमारतों पर सख्ती जरूरी है, लेकिन प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था भी उतनी ही महत्वपूर्ण। फिलहाल, इलाके में तनाव बना हुआ है, और आगे की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।
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