नई दिल्ली, 26 नवंबर 2025। Shani Margi 2026: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 28 नवंबर 2025 की रात 9 बजकर 21 मिनट पर न्याय के देवता शनि मीन राशि में मार्गी (सीधी चाल) हो जाएंगे। शनि पूरे 2026 में भी मीन राशि में ही रहते हुए वक्री-मार्गी चाल चलेंगे। इस गोचर के दौरान शनि का पाया (लौह, रजत, स्वर्ण) और साढ़ेसाती-ढैय्या का प्रभाव कुछ राशियों पर बेहद कष्टदायक रहेगा। खासकर सिंह, धनु, कुंभ, मीन और मेष राशि वालों के लिए साल 2026 किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगा। इन राशियों को करियर, आर्थिक स्थिति, पारिवारिक जीवन और सेहत में लगातार संघर्ष करना पड़ सकता है।
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सिंह राशि
2026 में भी शनि की ढैय्या और लौह पाया रहेगा। खर्चों में अचानक भारी बढ़ोतरी होगी, आय के स्रोत सीमित रहेंगे। मानसिक भ्रम, पारिवारिक कलह और सेहत संबंधी चिंताएं परेशान करेंगी।
धनु राशि
ढैय्या का प्रभाव जारी रहेगा। आर्थिक तंगी, गुप्त चिंताएं, रिश्तेदारों से तनाव और बेवजह क्रोध जैसी समस्याएं रहेंगी। शनि का लौह पाया होने से शारीरिक कष्ट और अचानक खर्च बढ़ेंगे।
कुंभ राशि
साढ़ेसाती का अंतिम चरण शुरू होगा। राहु-शनि के संयुक्त प्रभाव से पारिवारिक-व्यावसायिक जीवन में उथल-पुथल रहेगी। पैर में चोट का खतरा। हालांकि चांदी पाया होने से रुकावटों के बाद कुछ राहत और नए आय के साधन भी बनेंगे।
मीन राशि
साढ़ेसाती का मध्य चरण। घरेलू और आर्थिक उलझनें चरम पर रहेंगी। खर्चे बहुत ज्यादा, तनाव बढ़ेगा। फिर भी गुरु की दृष्टि होने से बीच-बीच में अच्छे लाभ के अवसर भी मिलेंगे। शनि का स्वर्ण पाया रहेगा।
मेष राशि
साढ़ेसाती का प्रभाव शुरू। करियर में अस्थिरता, नई-नई समस्याएं, करीबियों से विरोध और मानसिक अशांति रहेगी। लौह पाया होने से शारीरिक कष्ट और अचानक खर्चों में वृद्धि होगी।ज्योतिषियों के अनुसार शनि न्याय करते हैं, इसलिए इन राशि वालों को धैर्य, सत्य और शनिवार को सरसों का तेल, काले तिल दान करने तथा “ॐ शं शनैश्चराय नमः” जप करने की सलाह दी जा रही है।
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