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Sex Racket: सेक्स रैकेट से बचाई गई 14 साल की बांग्लादेशी लड़की, 3 महीने में 200 लोगों ने किया यौन शोषण

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Sex Racket

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महाराष्ट्र, 12 अगस्त 2025।  Sex Racket: महाराष्ट्र के पालघर जिले में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है।  यहां एक 14 वर्षीय बांग्लादेशी लड़की को सेक्स रैकेट से बचाया गया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि तीन महीनों में लगभग 200 लोगों ने उसका यौन शोषण किया। इस दावे की जांच जारी है। लड़की को 26 जुलाई को मीरा-भायंदर वसई-विरार पुलिस की मानव तस्करी विरोधी इकाई (AHTU) ने एनजीओ एक्सोडस रोड इंडिया फाउंडेशन और हार्मनी फाउंडेशन के सहयोग से वसई के नायगांव में एक फ्लैट पर छापेमारी के दौरान बचाया।

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अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें छह बांग्लादेशी नागरिक हैं, जिसमें दो महिलाएं (33 और 32 वर्ष) शामिल हैं, जिन्होंने कथित तौर पर लड़की को अवैध रूप से भारत लाने में मदद की। पीड़िता ने किशोर सुधार केंद्र में अपने बयान में बताया कि उसे पहले गुजरात के नडियाद ले जाया गया, जहां उसका यौन शोषण शुरू हुआ। हार्मनी फाउंडेशन के अध्यक्ष अब्राहम मथाई के अनुसार, लड़की स्कूल में एक विषय में फेल होने के बाद घर से भाग गई थी।

इसके बाद एक परिचित महिला ने उसे भारत में अवैध रूप से लाकर जिस्मफरोशी के धंधे में धकेल दिया। पुलिस के अनुसार, पीड़िता को नशे की दवाएं दी गईं और गर्म चम्मच से दागकर उसे जबरन इस धंधे में शामिल किया गया। संदेह है कि उसे समय से पहले यौवन लाने के लिए हार्मोनल इंजेक्शन भी दिए गए। मानवाधिकार कार्यकर्ता मधु शंकर ने बताया कि ऐसे कई मामले हैं, जहां बच्चों को छोटी उम्र में अगवा कर, इस तरह के इंजेक्शन देकर उन्हें सेक्स रैकेट में धकेला जाता है।

पुलिस ने मुख्य आरोपी मोहम्मद खालिद अब्दुल बापारी (33) सहित जुबेर हारुन शेख (38) और शमीम गफर सरदार (39) को गिरफ्तार किया है, जो पीड़ितों को अलग-अलग शहरों में तस्करी के लिए जिम्मेदार थे। यह रैकेट नवी मुंबई, पुणे, गुजरात और कर्नाटक जैसे स्थानों तक फैला हुआ था। पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक ने कहा कि इस पूरे नेटवर्क को उजागर करने और कमजोर किशोरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए टीमें देश के विभिन्न हिस्सों में भेजी गई हैं। मामला भारतीय न्याय संहिता, अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम, POCSO अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम, विदेशी अधिनियम और पासपोर्ट अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है।

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