लखनऊ, 27 दिसंबर 2025। Ration Card Transfer: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने विवाहित महिलाओं के लिए राशन कार्ड संबंधी एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है, जिससे शादी के बाद मायके से ससुराल में राशन यूनिट का स्थानांतरण अब काफी सरल और सुविधाजनक हो गया है।
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पहले इस प्रक्रिया में महिलाओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था, क्योंकि मायके के राशन कार्ड से नाम हटवाने और ससुराल के कार्ड में जोड़ने के लिए अलग-अलग आवेदन करने पड़ते थे, जिससे कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे और समय लगता था। अब नई गाइडलाइन के तहत यह प्रक्रिया ऑनलाइन और सीधी हो गई है, जिससे महिलाओं को अनावश्यक परेशानी से मुक्ति मिलेगी।
खाद्य एवं रसद विभाग के प्रमुख सचिव रणवीर प्रसाद ने इस संबंध में खाद्य आयुक्त, सभी जिलाधिकारियों और जिला पूर्ति अधिकारियों को पत्र जारी किया है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि शादी के बाद महिलाओं के यूनिट ट्रांसफर के आवेदन बड़ी संख्या में लंबित हैं, खासकर जब ससुराल उसी जिले में या दूसरे जिले में हो। इन समस्याओं को देखते हुए सरकार ने प्रक्रिया को सरल बनाने का निर्णय लिया है। अब विवाहित महिला के ऑनलाइन आवेदन पर पूर्ति विभाग सीधे मायके के राशन कार्ड से यूनिट को ससुराल के कार्ड में ट्रांसफर कर देगा।
इससे महिला को बीच में राशन सुविधा से वंचित नहीं होना पड़ेगा। नई व्यवस्था के अनुसार, आवेदन के लिए महिला को मायके के राशन कार्ड की संख्या, वहां के कोटेदार (दुकानदार) का नाम, ससुराल के राशन कार्ड की संख्या, ससुराल के कोटेदार का नाम और अपना आधार कार्ड नंबर प्रदान करना होगा। यह सब जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर भरकर आवेदन किया जा सकता है। यदि ससुराल में पहले से राशन कार्ड नहीं है और परिवार पात्रता श्रेणी में आता है, तो नया राशन कार्ड बनवाकर उसमें महिला की यूनिट मायके से ट्रांसफर की जाएगी।
वहीं, अगर ससुराल का परिवार राशन कार्ड की पात्रता में नहीं आता, तो महिला की यूनिट मायके के कार्ड से निरस्त कर दी जाएगी। यह फैसला राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत लाभार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखकर लिया गया है। सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र महिला विवाह के कारण सब्सिडी वाले अनाज से वंचित न रहे। पहले की जटिल प्रक्रिया में कई मामलों में यूनिट खाली न होने के कारण नाम नहीं जुड़ पाता था, लेकिन अब डायरेक्ट ट्रांसफर से यह समस्या दूर हो जाएगी।
विभाग ने निर्देश दिए हैं कि लंबित आवेदनों का प्राथमिकता से निस्तारण किया जाए और ई-केवाईसी भी समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए।यह कदम योगी सरकार की महिलाओं और गरीब परिवारों के कल्याण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल है, जो डिजिटल और पारदर्शी प्रक्रिया को बढ़ावा देता है। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि भ्रष्टाचार और अनावश्यक देरी भी कम होगी। विवाहित महिलाएं अब घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर अपनी राशन सुविधा को सुचारू रूप से ट्रांसफर करा सकती हैं।
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