लखनऊ, 18 अक्टूबर 2025। लखनऊ में एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना शहर, जहां रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ब्रह्मोस एयरोस्पेस इकाई में निर्मित स्वदेशी ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों की पहली खेप को हरी झंडी दिखाई। इस अवसर पर सिंह ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया, “ऑपरेशन सिंदूर तो सिर्फ ट्रेलर था। अब पाकिस्तान की एक-एक इंच जमीन ब्रह्मोस की रेंज में है।” यह बयान न केवल भारत की सैन्य क्षमता का प्रदर्शन था, बल्कि पड़ोसी देश को साफ चेतावनी भी कि भारत अब किसी आक्रामकता को बर्दाश्त नहीं करेगा।
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ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र भारत की हालिया सैन्य सफलता को दर्शाता है, जहां ब्रह्मोस मिसाइल ने पाकिस्तानी एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देकर सटीक निशाना साधा। सिंह ने कहा कि यह ऑपरेशन न केवल परीक्षण था, बल्कि एक व्यवहारिक सैन्य अभियान था, जिसने दुनिया को भारत की आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता का एहसास कराया।

ब्रह्मोस, जो भारत-रूस संयुक्त उद्यम है, की रेंज 290 किलोमीटर से अधिक है, जो पाकिस्तान के अधिकांश हिस्सों को कवर करती है। लखनऊ इकाई से उत्पादन शुरू होने से भारत को सालाना 100 से ज्यादा मिसाइलें मिलेंगी, जो आत्मनिर्भर भारत अभियान का प्रतीक है।
Speaking at BrahMos Manufacturing facility in Lucknow. https://t.co/gwH8Z1CDfK
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) October 18, 2025
सिंह का यह बयान उस समय आया जब भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव बना हुआ है। उन्होंने जोर देकर कहा, “अगर भारत ने पाकिस्तान को जन्म दिया है, तो उसे समाप्त करने की क्षमता भी रखता है, लेकिन हम शांति चाहते हैं, आक्रामकता नहीं।” यह चेतावनी पुलवामा हमले और बालाकोट एयर स्ट्राइक की याद दिलाती है, जहां भारत ने निर्णायक कार्रवाई की। ब्रह्मोस को ‘फायर एंड फॉरगेट’ मिसाइल कहा जाता है, जो जमीन, समुद्र और हवा से लॉन्च हो सकती है। इसकी स्पीड 2.8 मैक है, जो दुश्मन को प्रतिक्रिया का मौका ही नहीं देती।
माननीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह जी के साथ लखनऊ में PTC इंडस्ट्रीज का भ्रमण व Titanium & Superalloys Materials प्लांट के लोकार्पण समारोह में…@rajnathsingh https://t.co/tubbvqc9lK
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 18, 2025
रक्षा मंत्री ने वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की तारीफ की, जो ‘मेक इन इंडिया’ के तहत इस उपलब्धि को हासिल कर रहे हैं। लखनऊ इकाई न केवल रोजगार सृजन करेगी, बल्कि रक्षा निर्यात को बढ़ावा देगी। विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रह्मोस की तैनाती से क्षेत्रीय शक्ति संतुलन बदलेगा। पाकिस्तान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई, लेकिन भारत के इस कदम से वैश्विक स्तर पर चर्चा तेज हो गई।

सिंह ने अंत में कहा, “हमारी सेना हमेशा सतर्क है। ट्रेलर देख लिया, अब मुख्य फिल्म की तैयारी हो रही है।”यह बयान भारत की मजबूत इच्छाशक्ति को दर्शाता है। आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत, ब्रह्मोस जैसी तकनीकें देश की सुरक्षा को अभेद्य बनाएंगी। उम्मीद है कि यह संदेश शांति की दिशा में काम आएगा, अन्यथा परिणाम गंभीर होंगे।
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