मुजफ्फरपुर, 29 अक्टूबर 2025। Rahul Gandhi: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बिहार विधानसभा चुनावों से ठीक पहले एक जोरदार ऐलान किया है। मुजफ्फरपुर में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब हर भारतीय उत्पाद पर ‘मेड इन चाइना’ का ठप्पा नहीं, बल्कि ‘मेड इन बिहार’ का गौरवपूर्ण चिन्ह दिखे। विशेष रूप से मोबाइल फोन जैसे आवश्यक उपकरणों को बिहार की मिट्टी से जोड़ते हुए उन्होंने युवाओं के बीच रोजगार क्रांति की बात की।
यह बयान न केवल आर्थिक स्वावलंबन का प्रतीक है, बल्कि बिहार की सियासत में एक नया मोड़ भी ला सकता है। राहुल गांधी ने अपनी स्पीच में स्पष्ट शब्दों में कहा, “जहां भी नजर डालो, मेड इन चाइना ही दिखता है, लेकिन हमारा नारा है – यह मेड इन चाइना नहीं, मेड इन बिहार होना चाहिए। मोबाइल, शर्ट, पैंट – ये सब चीजें बिहार के कारखानों में बने। बिहार के युवाओं को इन फैक्ट्रियों में नौकरियां मिलें। हमें ऐसा बिहार चाहिए जहां हर युवा का सपना साकार हो।”
उनका यह बयान सभा में मौजूद हजारों श्रोताओं में उत्साह की लहर दौड़ा गया। लोग नारों से गूंज उठे – ‘बिहार बदलेगा, युवा संभालेंगे!’यह बयान बिहार की आर्थिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए आया है। बिहार, जो लंबे समय से प्रवासन और बेरोजगारी की मार झेल रहा है, अब बड़े पैमाने पर औद्योगीकरण की दहलीज पर खड़ा है। राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की नीतियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वर्तमान शासन में बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने वाली योजनाएं बिहार जैसे राज्यों को पीछे धकेल रही हैं।
इसके बजाय, विपक्षी गठबंधन की सरकार बनने पर बिहार को ‘मेक इन इंडिया’ का सच्चा केंद्र बनाया जाएगा। मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स स्थापित करने से न केवल स्थानीय रोजगार बढ़ेगा, बल्कि निर्यात भी मजबूत होगा। उन्होंने दावा किया कि बिहार बदला जा सकता है, और यह बदलाव युवाओं की ताकत से ही संभव है। राहुल गांधी का यह विजन बिहार के युवा वर्ग को सीधे संबोधित करता है, जो देश के सबसे बड़े युवा आबादी वाले राज्यों में से एक है। राज्य में बेरोजगारी दर 15 प्रतिशत से ऊपर होने के बावजूद, औद्योगिक निवेश न्यूनतम रहा है।
कांग्रेस नेता ने जोर देकर कहा कि ‘मेड इन बिहार’ अभियान से लाखों नौकरियां पैदा होंगी। यह न केवल आर्थिक समृद्धि लाएगा, बल्कि बिहार को राष्ट्रीय पटल पर एक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि, यदि यह दृष्टिकोण लागू होता है, तो बिहार का जीडीपी ग्रोथ रेट 10 प्रतिशत से अधिक छू सकता है। विपक्ष के इस ऐलान ने सत्ताधारी गठबंधन में हड़कंप मचा दिया है।
बीजेपी ने इसे ‘खोखले वादे’ करार दिया, जबकि आरजेडी और अन्य सहयोगी दलों ने इसे स्वागत योग्य बताया। बिहार चुनावों में यह मुद्दा प्रमुखता से उठ सकता है। राहुल गांधी ने समापन में कहा, “बिहारियों, तैयार हो जाओ! हम साथ मिलकर इतिहास रचेंगे।” यह बयान निश्चित रूप से बिहार की राजनीति को नई दिशा देगा।
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