नई दिल्ली, 5 दिसंबर 2025। Putin India Visit: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की दो दिवसीय भारत यात्रा आज दूसरे चरण में प्रवेश कर रही है। चार दिसंबर को दिल्ली पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एयरपोर्ट पर स्वयं उनका स्वागत किया, जो राजनयिक प्रोटोकॉल का उल्लंघन करते हुए एक विशेष इशारा था। दोनों नेताओं के बीच अनौपचारिक डिनर के बाद आज 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में द्विपक्षीय वार्ता होगी।
इस दौरान न्यूक्लियर रिएक्टर, रक्षा सौदे, ऊर्जा व्यापार और वैश्विक मुद्दों पर गहन चर्चा अपेक्षित है। यह यात्रा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ और पश्चिमी प्रतिबंधों के बीच भारत-रूस साझेदारी को मजबूत करने का महत्वपूर्ण कदम है। शिखर सम्मेलन का मुख्य फोकस रक्षा क्षेत्र पर रहेगा। 2018 के 5 अरब डॉलर के S-400 एयर डिफेंस सिस्टम डिलीवरी को तेज करने के साथ अतिरिक्त यूनिट्स खरीदने का समझौता अंतिम रूप ले सकता है।
इसके अलावा, S-500 प्रमेथियस मिसाइल सिस्टम, फाइटर जेट्स और संयुक्त उत्पादन परियोजनाओं पर बात होगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके रूसी समकक्ष एंड्रई बेलौसोव की संयुक्त बैठक में सैन्य-तकनीकी सहयोग की समीक्षा हो चुकी है। विशेषज्ञों के अनुसार, ये सौदे भारत को एशिया की अजेय शक्ति बनाएंगे, खासकर सीमा तनाव के दौर में।न्यूक्लियर सहयोग भी एजेंडे का अहम हिस्सा है।
रूस की राज्य-संचालित कंपनी रोसाटॉम ने कुडनकुलम न्यूक्लियर पावर प्लांट (तमिलनाडु) के तीसरे रिएक्टर के लिए पहली खेप न्यूक्लियर फ्यूल की डिलीवरी की है। छह VVER-1000 रिएक्टरों वाली इस परियोजना की क्षमता 6,000 मेगावाट है। वार्ता में छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) तकनीक साझा करने, मौजूदा प्लांट्स पूर्ण करने और नई परियोजनाओं (जैसे यूनिट 7-8) पर चर्चा होगी। रूस ने भारत को कॉम्पैक्ट रिएक्टर तकनीक प्रदान करने की पेशकश की है, जो ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगी।
ऊर्जा और व्यापार पर भी जोर रहेगा। रूस से सस्ते कच्चे तेल की आपूर्ति स्थिर करने, एलएनजी व्यापार बढ़ाने और आर्कटिक ऊर्जा परियोजनाओं में भारतीय निवेश पर समझौते संभावित हैं। द्विपक्षीय व्यापार असंतुलन सुधारने के लिए रुपया-रूबल भुगतान प्रणाली को मजबूत किया जाएगा। कुल 25 से अधिक समझौते शिक्षा, संस्कृति, स्वास्थ्य, विज्ञान-प्रौद्योगिकी और कृषि क्षेत्रों में हस्ताक्षरित हो सकते हैं। उर्वरक संयुक्त उद्यम (भारतीय कंपनियां और रूसी उरालकेम) तथा श्रम, तकनीक साझेदारी पर भी सहमति बनेगी।
वैश्विक संदर्भ में, यूक्रेन मुद्दे और क्षेत्रीय सुरक्षा पर अनौपचारिक चर्चा हो सकती है। चीनी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने इस यात्रा को भारत-रूस साझेदारी के नए अध्याय के रूप में सराहा है। पुतिन को पीएम मोदी ने रूसी भाषा में भगवद्गीता भेंट की, जो वैश्विक प्रेरणा का प्रतीक है।यह यात्रा भारत-रूस संबंधों की लचीलापन दर्शाती है, जो भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बावजूद मजबूत बनी हुई है। शिखर सम्मेलन के बाद हयदराबाद हाउस में लंच होगा, जहां कई MoU पर हस्ताक्षर होंगे। दिल्ली में ट्रैफिक व्यवस्था कड़ी की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ये समझौते न केवल आर्थिक बल्कि रणनीतिक रूप से भारत को मजबूत करेंगे।
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