Home » ताजा खबरें » उत्‍तर प्रदेश » PMFME Scam: बांदा में PMFME योजना में बड़ा घोटाला 5.26 लाख का गबन, तीन पर मुकदमा दर्ज

PMFME Scam: बांदा में PMFME योजना में बड़ा घोटाला 5.26 लाख का गबन, तीन पर मुकदमा दर्ज

Share :

PMFME Scam

Share :

बांदा, 13 अक्टूबर 2025। PMFME Scam: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) को झटका लग गया है। यहां एक बड़े वित्तीय घोटाले का खुलासा हुआ है, जिसमें 5.26 लाख रुपये के गबन की पोल खुल गई। जिला उद्यान अधिकारी ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी सब्सिडी हड़पने के आरोप में तीन लोगों के खिलाफ नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। आरोपी संदीप कुमार, आकांक्षा कुशवाहा और डीआरपी शिवम पर धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप हैं। यह मामला अग्रणी बैंक (इंडियन बैंक) की जांच रिपोर्ट पर आधारित है, जो योजना में गंभीर अनियमितताओं को उजागर करती है।

इसे भी पढ़ें- Recruitment Scam: उत्तर प्रदेश में भर्ती घोटाला, राज्यपाल की मंजूरी से पहले ही जारी हो गए थे नियुक्ति पत्र

योजना में गड़बड़ियों का चौंकाने वाला खुलासा

पीएमएफएमई योजना का उद्देश्य सूक्ष्म खाद्य उद्योगों को मजबूत बनाना है, लेकिन बांदा में इसका दुरुपयोग हुआ। जिला उद्यान अधिकारी केशवराम चौधरी ने बताया कि लीड बैंक मैनेजर (एलडीएम) की जांच में तिंदवारी के संदीप कुमार (पुत्र विजय बहादुर), गिरवां के खम्हौरा की आकांक्षा कुशवाहा (पुत्री छत्रपाल) और अतर्रा के डीआरपी शिवम (पुत्र मृत्युंजय द्विवेदी) की साजिश सामने आई। इन तीनों ने मिलीभगत से फर्जी लाभार्थी बनाकर सरकारी धन का गबन किया। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, संदीप ने आटा चक्की कारखाना लगाने के नाम पर 7 लाख रुपये का ऋण लिया, जिसकी फाइल डीआरपी शिवम ने तैयार की।

 गबन की साजिश

फर्जी फर्म और ट्रांसफर का खेलघोटाले की पूरी प्रक्रिया बेहद सुनियोजित थी। संदीप की फर्म ‘मेसर्स अंकिता इंटरप्राइजेज’ (मालकिन: आकांक्षा कुशवाहा) के नाम से एक्सिस बैंक की तिंदवारी शाखा में 22 दिसंबर 2022 को 4.50 लाख और 31 दिसंबर 2022 को 75 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए। कुल 5.26 लाख रुपये का यह धन डीआरपी शिवम ने एसबीआई खाते से संदीप के व्यक्तिगत खाते में हस्तांतरित कर दिया। बैंक के सत्यापन में पाया गया कि न तो कोई बिल जमा हुए और न ही मशीनें खरीदी गईं। बाद में बैंक के दबाव पर संदीप ने पुरानी आटा चक्की मशीन ली, लेकिन प्रोजेक्ट फेल होने से कैश क्रेडिट लिमिट नहीं मिली। रिपोर्ट में तीनों की सांठगांठ साफ झलकती है।

 आरोपी आकांक्षा का काला इतिहास

आकांक्षा कुशवाहा का यह पहला अपराध नहीं है। वह पहले नेशनल रूरल लाइवलीहुड मिशन (एनआरएलएम) में ब्लॉक मिशन मैनेजर (बीएमएम) थीं, जहां उन पर 80 लाख रुपये के गबन का मामला पहले से दर्ज है। नगर कोतवाली में लंबित इस केस के बावजूद, उन्होंने ‘अंकिता इंटरप्राइजेज’ नामक फर्म खड़ी कर घोटाले को अंजाम दिया। यह घटना सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों को दर्शाती है।

 पुलिस और विभाग की सख्त कार्रवाई

नगर कोतवाली पुलिस ने एलडीएम की रिपोर्ट पर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। जिला उद्यान अधिकारी ने कहा कि विभागीय जांच तेज की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई भविष्य में ऐसी धांधली रोकने का संदेश देगी। बांदा प्रशासन ने योजना की निगरानी मजबूत करने का वादा किया है, ताकि गरीब उद्यमियों को सच्ची मदद मिल सके।

इसे भी पढ़ें- Recruitment Scam: यूपी लैब टेक्निशियन भर्ती घोटाला, बिना डिप्लोमा वाले चहेतों को नौकरी, अधिकारियों के रिश्तेदारों का चयन

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
News Portal Development Services in Uttar Pradesh
Cricket Score
सबसे ज्यादा पड़ गई
Share Market

शहर चुनें

Follow Us