नई दिल्ली, 1 दिसंबर 2025। Parliament Winter Session: देश की संसद आज शीतकालीन सत्र की शुरुआत के साथ गरमाई हुई। लोकसभा का 18वां सत्र का छठा भाग और राज्यसभा का 269वां सत्र सुबह 11 बजे शुरू हुआ, लेकिन इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हंस द्वार पर मीडिया को संबोधित करते हुए विपक्ष पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने विपक्ष को चेतावनी देते हुए कहा, “ड्रामा नहीं, डिलीवरी होनी चाहिए।
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संसद ड्रामा-नारेबाजी के लिए नहीं, बल्कि देश के विकास के लिए है। देश में ड्रामा-नारेबाजी के लिए बहुत जगहें हैं, लेकिन यहां नहीं।” यह बयान हालिया बिहार चुनावों में विपक्ष की करारी हार के संदर्भ में दिया गया, जहां उन्होंने विपक्ष को “हार के सदमे से उबरने” की सलाह दी। पीएम मोदी ने कहा कि संसद सत्र चुनावी तैयारी या हार के गुस्से को निकालने का मंच नहीं होना चाहिए। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि सकारात्मक सोच अपनाएं और राष्ट्र निर्माण में सहयोग करें।
“हमारी लोकतंत्र ने साबित किया है कि यह डिलीवर कर सकता है। बिहार चुनावों में महिलाओं की भागीदारी इसका प्रमाण है,” उन्होंने जोर देकर कहा। साथ ही, उन्होंने नई और युवा सांसदों को बोलने का मौका देने की मांग की, चाहे वे किसी भी दल के हों। “मेरी सबसे बड़ी चिंता यह है कि नए सांसदों को अभिव्यक्ति का अवसर नहीं मिलता। हमें उन्हें आगे बढ़ाना चाहिए,” मोदी ने कहा। सत्र की शुरुआत में ही हंगामा शुरू हो गया।
विपक्ष INDIA गठबंधन ने स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) चुनावी रोल्स, दिल्ली रेड फोर्ट ब्लास्ट, प्रदूषण और नेशनल हेराल्ड केस जैसे मुद्दों पर बहस की मांग की। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने लोकसभा में SIR पर स्थगन प्रस्ताव पेश किया, जिसमें मतदाता सूचियों में खामियों का जिक्र किया गया। विपक्ष का आरोप है कि SIR से स्वतंत्र चुनाव प्रभावित हो सकते हैं। इसके अलावा, दिल्ली में वायु प्रदूषण और सुरक्षा चूक पर भी जोरदार हल्ला बोलने की तैयारी है। सरकार की ओर से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सेंट्रल एक्साइज (अमेंडमेंट) बिल 2025 पेश करने की तैयारी की है, जो 1944 के एक्ट को अपडेट करेगा।
मणिपुर गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (सेकंड अमेंडमेंट) बिल पर तीन घंटे की चर्चा का समय निर्धारित है। कुल 13 विधेयक और सप्लीमेंट्री डिमांड्स फॉर ग्रांट्स पेश होने हैं, जिनमें एटॉमिक एनर्जी, हायर एजुकेशन, इंश्योरेंस, टैक्सेशन और कॉर्पोरेट लॉ में संशोधन शामिल हैं। सत्र 19 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें 15 बैठकें होंगी, जिसे विपक्ष “छोटा सत्र” बता रहा है। उप राष्ट्रपति और राज्यसभा चेयरमैन सीपी राधाकृष्णन ने पहली बार सदन की अध्यक्षता संभाली।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन नियमों के अनुसार। विपक्ष नेता जयराम रमेश ने ट्वीट कर पीएम पर तंज कसा, “पीएम संसद नहीं आते, लेकिन हर सत्र से पहले बाहर खड़े होकर विपक्ष को सहयोग की नसीहत देते हैं। “यह सत्र विकास, सुधार और जवाबदेही के बीच टकराव का मैदान बनेगा। क्या विपक्ष की आक्रामकता और सरकार की अपील से सत्र सुचारू चलेगा? आने वाले दिन इसका जवाब देंगे। संसद अब विकास के एजेंडे पर फोकस करे, यही पीएम की अपेक्षा है।
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