Home » क्राइम » No OTP Scam: यूपी में साइबर ठगी का नया तरीका, बिना OTP और फर्जी लिंक के खाते से उड़ गए 8 लाख

No OTP Scam: यूपी में साइबर ठगी का नया तरीका, बिना OTP और फर्जी लिंक के खाते से उड़ गए 8 लाख

Share :

Scam

Share :

लखनऊ/प्रयागराज, 1 जनवरी 2025। No OTP Scam: उत्तर प्रदेश में साइबर ठगों ने एक नया और बेहद खतरनाक तरीका अपनाया है, जिसमें न तो OTP की जरूरत पड़ती है, न किसी फर्जी लिंक पर क्लिक करने की और न ही कोई संदिग्ध मैसेज आता है। फिर भी बैंक खातों से लाखों रुपये गायब हो जा रहे हैं। हाल ही में सामने आए मामलों में एक व्यक्ति के खाते से करीब 8 लाख रुपये की ठगी हुई, जो इस ‘साइलेंट फ्रॉड’ का शिकार बना।

इसे भी पढ़ें- QR Code Scam: साउथ की फिल्म से लिया आइडिया, QR कोड एडिट कर की लाखों की ठगी, ऐसे आया गिरफ्त में

विशेषज्ञों के अनुसार, ठग अब हाईटेक तकनीकों जैसे मैलवेयर, रिमोट एक्सेस ट्रोजन (RAT), सिम क्लोनिंग या फिशिंग ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे पीड़ित को पता तक नहीं चलता।प्रयागराज में तो एक सप्ताह में ही ऐसे 11 मामले सामने आए हैं, जहां कुल करोड़ों की ठगी हुई। एक पीड़ित अरुण कुमार के खाते से 2.5 लाख रुपये दो ट्रांजेक्शन में निकाल लिए गए, लेकिन उन्हें न OTP आया, न कोई अलर्ट मैसेज।

इसी तरह अमरोहा में एक व्यक्ति के खाते से 9 लाख रुपये उड़ाए गए, जब उनका सिम बंद था और क्लोन सिम से ठगों ने नेट बैंकिंग एक्टिव कर ली। बुलंदशहर और ग्रेटर नोएडा में भी इसी तरह के मामले दर्ज हुए, जहां शादी के लिए जोड़ी गई रकम तक ठगों ने साफ कर दी।साइबर विशेषज्ञ बताते हैं कि ठग पहले किसी तरह फोन में मैलवेयर इंस्टॉल कर लेते हैं – कभी फर्जी ऐप डाउनलोड कराकर, कभी अनजान PDF या APK फाइल से।

इसके बाद वे बैकग्राउंड में फोन का कंट्रोल ले लेते हैं, OTP को खुद पढ़ और डिलीट कर देते हैं या सिम क्लोनिंग से पूरी पहुंच हासिल कर लेते हैं। नोएडा में एक रिटायर्ड कर्नल से 28 लाख रुपये इसी तरह ठगे गए। ठगों का नेटवर्क अब इतना मजबूत हो गया है कि वे बैंक सर्वर को भी चकमा दे रहे हैं।पुलिस के अनुसार, ऐसे मामलों में पीड़ितों को तब पता चलता है जब वे बैलेंस चेक करते हैं या पासबुक अपडेट कराते हैं।

यूपी साइबर पुलिस ने चेतावनी दी है कि अनजान ऐप्स, लिंक्स या कॉल्स से बचें। बैंक कभी फोन पर OTP या पिन नहीं मांगता। अगर फोन में कोई संदिग्ध ऐप इंस्टॉल हो गया हो तो तुरंत फैक्ट्री रीसेट करें और बैंक को सूचित करें।इस बढ़ते खतरे से निपटने के लिए पुलिस ने 1930 हेल्पलाइन और cybercrime.gov.in पोर्टल पर तुरंत शिकायत दर्ज करने की अपील की है।

विशेषज्ञों का कहना है कि दो-फैक्टर ऑथेंटिकेशन मजबूत रखें, पब्लिक वाई-फाई से बचें और नियमित रूप से बैंक स्टेटमेंट चेक करें। यूपी में इस साल साइबर ठगी के सैकड़ों मामले दर्ज हो चुके हैं, जिनमें करोड़ों की रकम दांव पर है। सतर्कता ही एकमात्र बचाव है, वरना सालों की कमाई पल भर में गायब हो सकती है।

इसे भी पढ़ें- Job Scam: नौकरी के नाम पर साइबर ठगी के बड़े गिरोह का पर्दाफाश, दो महिलाओं सहित सात आरोपी गिरफ्तार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
News Portal Development Services in Uttar Pradesh
Cricket Score
सबसे ज्यादा पड़ गई
Share Market

शहर चुनें

Follow Us