नई दिल्ली, 1 जनवरी 2026। New Year 2026: साल 2026 की शुरुआत दिल्ली और एनसीआर के लिए राहत भरी नहीं रही। घने कोहरे, कड़ाके की ठंड और जहरीले प्रदूषण की मार के बीच राजधानी ने नए साल का स्वागत किया। 1 जनवरी की सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा है।
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम के अनुसार, सुबह के समय दिल्ली का औसत AQI 372 से 382 के बीच रहा, जबकि कई इलाकों जैसे आनंद विहार में यह 424 तक पहुंच गया। कुछ मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI ‘गंभीर’ श्रेणी में भी दर्ज हुआ। प्रदूषण के इस स्तर का मुख्य कारण मौसमी स्थितियां हैं। कम तापमान, धीमी हवाएं और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदूषक कण हवा में फंस गए हैं, जिससे उनका फैलाव नहीं हो पा रहा।

विशेषज्ञों का कहना है कि वाहनों का धुआं, निर्माण कार्यों की धूल और अन्य उत्सर्जन स्रोतों से निकलने वाले PM2.5 और PM10 कण सतह के करीब जमा हो रहे हैं। इससे सांस की बीमारियों से पीड़ित लोगों, बच्चों और बुजुर्गों को विशेष खतरा है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि ऐसे में बाहर निकलते समय मास्क पहनें और अनावश्यक यात्रा से बचें।
ठंड का कहर भी कम नहीं है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 31 दिसंबर को दिल्ली में अधिकतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो 2019 के बाद दिसंबर का सबसे ठंडा दिन था। नए साल के दिन न्यूनतम तापमान 9 से 11 डिग्री और अधिकतम 14 से 16 डिग्री के आसपास रहने की उम्मीद है।
घने कोहरे ने दृश्यता को बेहद कम कर दिया है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हुआ। कई उड़ानें देरी से चल रही हैं या रद्द की गई हैं। IMD ने चेतावनी दी है कि सुबह के समय मध्यम से घना कोहरा बना रहेगा और कुछ इलाकों में कोल्ड डे की स्थिति जारी रह सकती है।
मौसम पूर्वानुमान में राहत की एक किरण है, दिल्ली-एनसीआर में कुछ जगहों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। इससे ठंड तो बढ़ सकती है, लेकिन प्रदूषण के कणों को धोने में मदद मिल सकती है। हालांकि, अगले कुछ दिनों तक AQI ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रहने का अनुमान है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हवा की गति कम होने और वेंटिलेशन इंडेक्स के निचले स्तर के कारण प्रदूषण फैल नहीं पा रहा। दिल्ली-एनसीआर के निवासी इस दोहरी मार से परेशान हैं। नए साल की खुशियां कोहरे और स्मॉग की चादर में लिपट गई हैं। सरकार और प्रशासन से ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत सख्त कदम उठाने की मांग हो रही है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव से स्थिति सुधरेगी, लेकिन फिलहाल सतर्क रहना जरूरी है।
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