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नया यूपी अपराध बर्दाश्त नहीं करता, CM योगी ने किया हाईटेक फॉरेंसिक लैब का उद्घाटन

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CM Yogi inaugurated the hi-tech forensic lab.

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गोरखपुर, 18 नवंबर 2025। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को गोरखपुर में 72.78 करोड़ रुपये की लागत से बने अत्याधुनिक क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला (RFSL) के नए भवन का लोकार्पण किया। बी से ए क्लास में उच्चीकृत इस छह मंजिला हाईटेक लैब के उद्घाटन अवसर पर सीएम योगी ने साफ कहा, “2017 के बाद का नया उत्तर प्रदेश अपराध को कतई स्वीकार नहीं करता।

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अपराध करने की हिम्मत करने वाले को हर हाल में कीमत चुकानी पड़ेगी। अब अपराधी बच नहीं सकता। ”मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले पीड़ित थानों के चक्कर काटता था और अपराधी खुलेआम घूमते थे। अब जीरो टॉलरेंस नीति के तहत वैज्ञानिक साक्ष्य और आधुनिक फॉरेंसिक लैब के जरिए ऐसी व्यवस्था बना दी गई है कि अपराधी का बचना नामुमकिन है।

CM Yogi inaugurated the hi-tech forensic lab.

नए आपराधिक कानूनों (भारतीय न्याय संहिता, नागरिक सुरक्षा संहिता और साक्ष्य संहिता 2023) में सात साल से ज्यादा सजा वाले अपराधों में फॉरेंसिक जांच अनिवार्य है। यूपी सरकार ने इसके लिए पहले से ही तैयारी कर ली थी। 2017 से पहले पूरे राज्य में सिर्फ 4 फॉरेंसिक लैब थीं। योगी सरकार ने 8 साल में इनकी संख्या 12 कर दी, 6 और निर्माणाधीन हैं। जल्द ही हर कमिश्नरी में एक लैब होगी। हर जिले में दो-दो मोबाइल फॉरेंसिक वैन तैनात की गई हैं, जिससे अपराध स्थल पर ही घंटों में पुख्ता साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

गोरखपुर की नई लैब में बैलेस्टिक, नार्कोटिक्स, साइबर फॉरेंसिक, डीएनए प्रोफाइलिंग, डॉक्यूमेंट परीक्षण सहित सभी उन्नत सुविधाएं होंगी। सीएम ने इसे “मॉडर्न पुलिसिंग का गेम चेंजर” बताया। उन्होंने लखनऊ में स्थापित यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस का भी जिक्र किया, जहां सर्टिफिकेट से लेकर डिग्री स्तर तक कोर्स चल रहे हैं और युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुल रहे हैं।

आठ वर्षों में 2.19 लाख पुलिसकर्मियों की भर्ती, ट्रेनिंग क्षमता 10 गुना बढ़ाना, 13 लाख सीसीटीवी कैमरे, सेफ सिटी प्रोजेक्ट, कमिश्नरेट सिस्टम, महिला पीएसी बटालियन और यूपी-112 जैसी सुविधाओं का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि सुरक्षा के कारण महिलाओं का श्रम बल भागीदारी दर 13% से बढ़कर 35% से ऊपर पहुंच गया है।उद्घाटन समारोह में सांसद रविकिशन, प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद, एडीजी तकनीकी नवीन अरोड़ा सहित कई विधायक और अधिकारी मौजूद रहे।

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