राजधानी के सबसे खास और वीआईपी क्षेत्र कहे जाने वाले नई दिल्ली इलाके की तस्वीर इस मानसून बदलने जा रही है। एनडीएमसी (नई दिल्ली नगर पालिका परिषद) ने क्षेत्र को और हरा-भरा बनाने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है, जिसके तहत करीब 6 लाख पौधे और झाड़ियां लगाई जाएंगी। यह पहल सिर्फ सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य दिल्ली की हवा को साफ करना, पर्यावरण का संतुलन बनाए रखना और लोगों को शहरी जीवन में हरियाली का सुकून देना है। एनडीएमसी इसे एक बड़ी और स्थायी पहल मान रही है।
एनडीएमसी के मुताबिक, मानसून के दौरान मिट्टी में नमी अधिक होती है और पौधे जल्दी पनपते हैं। इसलिए जुलाई से अगस्त के बीच राजधानी के सड़कों के किनारे, पार्कों, ग्रीन बेल्ट और खाली सार्वजनिक स्थलों पर पौधरोपण किया जाएगा। इन जगहों पर सिर्फ सजावटी पौधे ही नहीं, बल्कि स्थानीय जलवायु के अनुकूल, छायादार और ज्यादा ऑक्सीजन छोड़ने वाले पेड़-पौधे लगाए जाएंगे। खासतौर पर राजपथ, जनपथ, तुगलक रोड, अशोक रोड, शंकर रोड और अकबर रोड जैसे वीआईपी इलाकों को हरा-भरा बनाने पर जोर रहेगा।
पिछले साल जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान दिल्ली को खूबसूरत बनाने के लिए जो हरियाली की योजनाएं शुरू हुई थीं, अब उन्हें और आगे बढ़ाया जा रहा है। एनडीएमसी अब तक 40 एवेन्यू को हरा-भरा बना चुकी है, और इस साल चार प्रमुख ग्रीन एवेन्यू में और काम शुरू करने जा रही है। इन क्षेत्रों में बेहतर किस्म के पौधे, मॉडर्न सिंचाई सिस्टम, और ऊर्जा-कुशल लाइटिंग लगाई जाएगी ताकि ये हरित क्षेत्र न केवल टिकाऊ हों, बल्कि सुंदर भी दिखें।
एनडीएमसी का दावा है कि पिछले साल 11,000 से अधिक बड़े पौधे और 14 लाख से ज्यादा झाड़ियां लगाई गई थीं, जिससे राजधानी का चेहरा काफी बदला। इस बार का लक्ष्य और भी बड़ा है — इस बार मानसून में दिल्ली को और ज्यादा हरियाली से ढंकने की तैयारी है। एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल का कहना है कि यह अभियान सिर्फ पेड़ लगाने तक सीमित नहीं रहेगा। “हम चाहते हैं कि दिल्लीवासी भी इस मुहिम का हिस्सा बनें। यह अभियान न केवल पर्यावरण को बेहतर बनाएगा, बल्कि शहर को एक ‘मॉडल ग्रीन सिटी’ की ओर ले जाएगा,” उन्होंने कहा।
चहल ने यह भी कहा कि यह एक दीर्घकालिक योजना है, और भविष्य में इसे और व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा। नई दिल्ली की सड़कों, पार्कों और वीआईपी इलाकों में अब हरियाली की चादर बिछाई जाएगी। एक तरफ जहां यह राजधानी की सुंदरता को बढ़ाएगा, वहीं दूसरी ओर प्रदूषण से जूझ रही दिल्ली के लिए यह राहत की खबर भी होगी। इस मानसून, राजधानी न केवल भीगेगी – बल्कि हरियाली से दमक उठेगी।








