लखनऊ/पटना, 6 दिसंबर 2025। Neha Singh Rathore: भोजपुरी लोक गायिका और सोशल मीडिया पर अपनी तीखी राजनीतिक टिप्पणियों के लिए मशहूर नेहा सिंह राठौर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लखनऊ की विशेष MP-MLA कोर्ट ने शनिवार 6 दिसंबर 2025 को उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। उन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप है।
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मामला जून 2025 का है जब नेहा सिंह राठौर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक भोजपुरी गीत पोस्ट किया था। गीत में प्रधानमंत्री मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर कटाक्ष करते हुए कई विवादास्पद पंक्तियाँ थीं। गीत के बोल वायरल होने के बाद लखनऊ के हजरतगंज थाने में भाजपा नेता और वकील अजय प्रताप सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी।
FIR में नेहा पर भारतीय दंड संहिता की धारा 153A (धर्म, जाति, जन्म स्थान के आधार पर विभिन्न समुदायों में वैमनस्य फैलाना), 295A (धार्मिक भावनाएं आहत करना), 504 (सार्वजनिक शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान), 505 (सार्वजनिक हित के खिलाफ बयान) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।याचिका खारिज करते हुए विशेष न्यायाधीश (MP-MLA) अमित कुमार पांडेय ने कहा कि गायिका द्वारा पोस्ट किया गया गीत सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाला और प्रधानमंत्री जैसे संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है।
कोर्ट ने माना कि प्रथम दृष्टया अपराध गंभीर प्रकृति का है और अग्रिम जमानत देना उचित नहीं होगा। नेहा सिंह राठौर इससे पहले भी कई बार अपने गीतों और सोशल मीडिया पोस्ट के कारण विवादों में रही हैं। बिहार विधानसभा चुनाव 2020, यूपी चुनाव 2022 और किसान आंदोलन के दौरान उनके गीतों ने सत्ताधारी दलों को आड़े हाथों लिया था, जिसके बाद उन पर कई राज्यों में मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।
अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद अब नेहा सिंह राठौर की गिरफ्तारी कभी भी हो सकती है। उनके वकील ने बताया कि वे इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील दायर करने की तैयारी कर रहे हैं।भाजपा नेताओं ने कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि कोई भी व्यक्ति चाहे कितना भी बड़ा कलाकार हो, संवैधानिक पदों का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं विपक्षी दलों और कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया है।
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