मुजफ्फरनगर, 13 दिसंबर 2025। Muezzin Threat: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में मदीना मस्जिद के मुअज्जिन मोहम्मद इरफान का एक विवादित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। यह मस्जिद सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मदीना चौक (सरवट इलाका) में स्थित है।
वीडियो में इरफान जमीयत उलेमा-ए-हिंद के कार्यकर्ताओं से बातचीत के दौरान भावुक होकर कच्ची सड़क चौकी इंचार्ज विनोद चौधरी की गर्दन काटने की धमकी देते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने से पुलिस महकमे से लेकर धार्मिक संगठनों तक हलचल मच गई। घटना की शुरुआत 10 दिसंबर से हुई, जब मुअज्जिन मोहम्मद इरफान ने आरोप लगाया कि अजान के दौरान लाउडस्पीकर की तेज आवाज को लेकर चौकी इंचार्ज विनोद चौधरी ने उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की।
इस घटना का सीसीटीवी वीडियो वायरल हुआ, जिसमें पुलिसकर्मी को इरफान को धक्का देते और खींचते देखा गया। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि पुलिस ने इस्लामोफोबिक टिप्पणियां कीं, जैसे “पाकिस्तान चले जाओ”। इस पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद के कार्यकर्ताओं ने एसएसपी को ज्ञापन सौंपकर दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू की।
इसी बीच 11 दिसंबर को दूसरा वीडियो वायरल हुआ, जिसमें इरफान जमीयत कार्यकर्ताओं से बात करते हुए भावनाओं में बहकर दरोगा को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। वीडियो सामने आते ही पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया। सिविल लाइन थाने में शांति भंग और सरकारी कर्मचारी को धमकी देने की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई। 12 दिसंबर को इरफान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। बाद में उन्हें जमानत मिल गई।
सीओ सिटी सिद्धार्थ मिश्रा ने कहा कि 11 दिसंबर को सोशल मीडिया पर वीडियो आया, जिसमें एक व्यक्ति लाउडस्पीकर को लेकर रोष जताते हुए पुलिसकर्मी को जान से मारने की धमकी दे रहा है। मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया और वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस मामले में लोगों में रोष है कि दरोगा के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई। मुस्लिम संगठनों ने पुलिस की कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताया, जबकि मुख्यधारा मीडिया ने धमकी पर फोकस किया। मामला संवेदनशील है और दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच चल रही है।








