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Modi-Putin Meet: चार साल बाद भारत आ रहे पुतिन, S-400 से न्यूक्लियर डील तक पर हो सकता है समझौता

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Modi-Putin Meet

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नई दिल्ली, 28 नवंबर 2025। Modi-Putin Meet: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन चार साल के लंबे अंतराल के बाद राजकीय यात्रा पर भारत पहुंचने वाले हैं। 4-5 दिसंबर 2025 को होने वाली इस यात्रा के दौरान वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यह यात्रा दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने का सुनहरा अवसर साबित हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में कई बड़े समझौते या घोषणाएं हो सकती हैं। आइए, उन प्रमुख मुद्दों पर नजर डालें जिन पर चर्चा की उम्मीद है।

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सबसे पहले, S-400 एयर डिफेंस सिस्टम पर नई डील। भारत ने 2018 में पांच स्क्वाड्रन की खरीद की थी, जिसमें से तीन डिलीवर हो चुके हैं। हर स्क्वाड्रन में दो बैटरियां होती हैं, जो 128 मिसाइलों से लैस हैं। पाकिस्तान और चीन की बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए भारत अतिरिक्त यूनिट्स के लिए ऑर्डर दे सकता है, जो सीमा सुरक्षा को और मजबूत करेगी।

दूसरा, रूसी तेल पर अतिरिक्त छूट। अमेरिकी प्रतिबंधों के दबाव में भारत ने रूसी क्रूड आयात कम किया है, लेकिन रूस अब आकर्षक डिस्काउंट ऑफर कर रहा है। यात्रा के दौरान सस्ती ऊर्जा आपूर्ति पर लंबी अवधि का समझौता हो सकता है। साथ ही, रूसी LNG, कोयला और गैस पाइपलाइन परियोजनाओं पर सहयोग बढ़ाने की चर्चा संभावित है, जो भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करेगी।

तीसरा, व्यापार असंतुलन सुधार। 2024-25 में द्विपक्षीय व्यापार 68.7 अरब डॉलर पहुंचा, लेकिन भारत का निर्यात मात्र 4.88 अरब डॉलर रहा। इस अंतर को पाटने के लिए रूसी बाजार में भारतीय उत्पादों को विशेष पहुंच मिल सकती है। रुपया-रूबल व्यापार को बढ़ावा देने पर जोर होगा, जो डॉलर निर्भरता कम करेगा।

चौथा, रक्षा सह-उत्पादन और तकनीक हस्तांतरण। AK-203 राइफलों का उत्पादन तेज करने पर फैसला हो सकता है। ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल और भविष्य के प्रोजेक्ट्स पर नए एमओयू साइन हो सकते हैं। ‘मेक इन इंडिया’ के तहत संयुक्त विनिर्माण पर नई घोषणाएं रक्षा निर्यात को बूस्ट देंगी।

पांचवां, न्यूक्लियर ऊर्जा सहयोग। कुडनकुलम प्लांट की नई यूनिटों पर प्रगति की समीक्षा होगी। छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) और अन्य परियोजनाओं पर सहमति बन सकती है, जो भारत की क्लीन एनर्जी लक्ष्यों को गति देगी।

छठा, मीडिया क्षेत्र में कदम। पुतिन यात्रा के दौरान RT (रूस टुडे) का भारतीय चैनल लॉन्च करेंगे, जो रूसी सरकार का ब्रॉडकास्टिंग प्लेटफॉर्म है। यह मीडिया सहयोग की नई शुरुआत होगी।

सातवां, रणनीतिक विजन डॉक्यूमेंट। दोनों देशों की विशेष रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे होने पर 10 साल का रोडमैप जारी हो सकता है। इसमें रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, विज्ञान और प्रौद्योगिकी शामिल होंगे। गगनयान मिशन के लिए रोस्कॉसमॉस से सहयोग बढ़ेगा, जबकि GLONASS-NavIC सैटेलाइट नेविगेशन पर नया ऐलान संभव है।

यह यात्रा भारत-रूस संबंधों को नई ऊंचाई देगी, खासकर वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों के बीच। दोनों नेता बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग पर भी विचार-विमर्श करेंगे।

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