नई दिल्ली 2 दिसंबर 2025। Long Term Investment: अगर आप हर महीने थोड़ा-थोड़ा पैसा बचाकर लंबे समय में बड़ा फंड बनाना चाहते हैं तो भारत में दो सबसे लोकप्रिय विकल्प हैं – म्यूचुअल फंड की सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) और पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)। दोनों ही 15 साल या उससे ज्यादा समय तक निवेश करने वालों के लिए बेहतरीन हैं, लेकिन कमाई के मामले में इनमें जमीन-आसमान का फर्क है।
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म्यूचुअल फंड SIP – जोखिम के साथ दोगुने से ज्यादा रिटर्न: SIP में आप हर महीने एक निश्चित रकम म्यूचुअल फंड (खासकर इक्विटी या हाइब्रिड फंड) में लगाते हैं। लंबे समय में भारतीय शेयर बाजार ने औसतन 12–15% सालाना रिटर्न दिया है। अगर हम 12% के रूढ़िगत अनुमानित रिटर्न को लें तो…
हर महीने ₹10,000 की SIP
अवधि: 15 साल
कुल निवेश: ₹18 लाख
अनुमानित मैच्योरिटी राशि (12% पर): ≈ ₹47.59 लाख
कुल मुनाफा: ≈ ₹29.59 लाख (लगभग 2.6 गुना)
अगर आप अच्छा इक्विटी फंड चुनते हैं और 14–15% रिटर्न मिलता है तो यह राशि 55–60 लाख तक भी पहुंच सकती है। हां, इसमें बाजार का जोखिम है, लेकिन 15 साल जैसे लंबे समय में यह जोखिम काफी हद तक कम हो जाता है।
PPF – पूरी तरह सुरक्षित लेकिन कम रिटर्न
PPF सरकार समर्थित सबसे सुरक्षित निवेश है। वर्तमान में ब्याज दर 7.1% है और पूरा रिटर्न टैक्स-फ्री है। उदाहरण (उसी राशि से): हर महीने ₹10,000 (सालाना अधिकतम ₹1.5 लाख तक ही जमा कर सकते हैं, इसलिए हम ₹12,500 मासिक मानकर चलें)
अवधि: 15 साल
कुल निवेश: ₹18 लाख
मैच्योरिटी राशि (7.1% पर): ≈ ₹32.54 लाख
कुल मुनाफा: ≈ ₹14.54 लाख (लगभग 1.8 गुना)
किसे चुनें?
अगर आप जोखिम ले सकते हैं और मुद्रास्फीति को मात देकर दोगुना-तिगुना पैसा चाहते हैं → SIP सबसे बेहतर
अगर आप एकदम सुरक्षित निवेश चाहते हैं और टैक्स बचत भी चाहिए → PPF अच्छा विकल्प
स्मार्ट निवेशक दोनों का मिश्रण करते हैं: 60–70% SIP + 30–40% PPF
लंबी अवधि में देखें तो SIP ने ज्यादातर निवेशकों को PPF से 2–3 गुना ज्यादा रिटर्न दिया है, इसलिए अगर आप युवा हैं और 10–15 साल का समय है तो SIP में ज्यादा पैसा लगाएं – आपका भविष्य सुरक्षित रहेगा।
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