कानपुर, 8 नवंबर 2025। Kanpur Accident: उत्तर प्रदेश के कानपुर में स्टंटबाजी ने एक मासूम छात्रा की जिंदगी छीन ली। गुरुवार शाम को गंगाबैराज पर हुई इस भयावह दुर्घटना ने पूरे शहर को सदमे में डाल दिया। 23 वर्षीय भाविका गुप्ता, जो डीएवी डिग्री कॉलेज में बीए अंतिम वर्ष की होनहार छात्रा और एनसीसी कैडेट थी, अपनी सहेली नेहा मिश्रा के साथ स्कूटी पर सैर कर रही थी तभी बिठूर की ओर से 110 किलोमीटर प्रतिघंटा की भयानक रफ्तार से स्टंट करते हुए आ रही बाइक ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी।
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टक्कर इतनी प्रबल थी कि भाविका 50 मीटर तक घिसटती चली गई, जबकि स्कूटी के पुर्जे हवा में उड़ गए। उन्नाव के शुक्लागंज सर्वोदय नगर में रहने वाले मनीष गुप्ता की इकलौती संतान भाविका होटल लैंडमार्क में शेफ पिता की लाड़ली थी। चचेरे भाई अंकित गुप्ता के अनुसार, शाम करीब 8 बजे ऋषि नगर निवासी नेहा के साथ मैगी पॉइंट से बैराज पर घूमने निकली थीं। जैसे ही भाविका ने स्कूटी मोड़ी, बाइक सवार बृजेश निषाद और उसके साथी ने स्टंट की होड़ में ब्रेक न लगाया। बाइक पर सवार दोनों युवक चोटिल होकर भी अन्य दोस्तों के साथ मौके से फरार हो गए।
घटनास्थल पर बिखरे दांत, खून से सनी सड़क और टूटे-फूटे पुर्जे इस हादसे की भयावहता बयां कर रहे थे। नवाबगंज थाने की पुलिस को सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची टीम ने घायल भाविका को तुरंत हैलट अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चोटें इतनी गंभीर थीं कि देर रात इलाज के दौरान उसकी सांसें थम गईं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने तो दिल दहला दिया, सिर की हड्डियां चकनाचूर, पसलियां टूटकर हृदय और फेफड़ों में घुस गईं, कंधे, हाथ-पैर, कमर समेत दो दर्जन से अधिक हड्डियां क्षत-विक्षत। पूरे शरीर पर घर्षण के गहरे निशान थे, जो कोमा में जाने का कारण बने।
नेहा को मामूली चोटें आईं, लेकिन वह सदमे में है। मनीष गुप्ता की तहरीर पर पुलिस ने बृजेश निषाद के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की। थाना प्रभारी केशव तिवारी ने बताया कि आरोपी की बाइक के हैंडल पर लिखी इंस्टाग्राम आईडी से उसकी पहचान हुई। बृजेश बिठूर निवासी स्टंट वीडियो रील्स बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने का शौकीन था। दोनों आरोपी चोटिल हैं और निजी अस्पताल में भर्ती, लेकिन पुलिस उनकी तलाश में छापेमारी कर रही है।
बाइक सवार के साथी की भी पहचान हो रही है। यह घटना स्टंटबाजी के खतरों पर सवाल खड़े करती है। युवाओं में सोशल मीडिया की चकाचौंध उन्हें मौत के मुंह में धकेल रही है। भाविका जैसे बेगुनाह क्यों बलि चढ़ें? परिवार शोकाकुल है, पिता रो-रोकर बेहाल। समाज को सोचने का वक्त है क्या स्टंट की होड़ जिंदगियों से ज्यादा कीमती है? पुलिस ने चेतावनी जारी की है कि ऐसी लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होगी। कानपुर के इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा का महत्व रेखांकित किया है।
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