नई दिल्ली। Jaisalmer Bus Fire: राजस्थान के जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर मंगलवार दोपहर एक दिल दहला देने वाला हादसा घट गया, जिसमें एक प्राइवेट बस में अचानक लगी आग से 20 यात्रियों की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना न केवल एक त्रासदी है, बल्कि सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर रही है।
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पुलिस के अनुसार, बस में कुल 57 यात्री सवार थे, जो जैसलमेर से जोधपुर की ओर जा रही थी। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग का मुख्य कारण बताया जा रहा है। बस महज पांच दिन पहले ही खरीदी गई थी और दोपहर करीब 3 बजे जैसलमेर से रवाना हुई। हाईवे पर चली बस के पिछले हिस्से से अचानक धुआं निकलने लगा। चालक ने सतर्कता बरतते हुए वाहन को सड़क किनारे रोक दिया, लेकिन आग ने कुछ ही पलों में पूरे बस को लपेट लिया।

यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोग और राहगीर दौड़कर बचाव के प्रयास करने लगे, लेकिन आग की भयानक लपटों के आगे सभी बेबस नजर आए। कई यात्री बस के अंदर ही फंस गए, जिससे उनकी जलकर मौत हो गई। आग की खबर फैलते ही फायर ब्रिगेड की टीमें और पुलिस बल मौके पर पहुंच गए। स्थानीय निवासियों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
जिला प्रशासन ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए। जिला कलेक्टर प्रताप सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि घायलों को फौरन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। हेल्पलाइन नंबर भी जारी कर दिए गए, ताकि परिजन जानकारी प्राप्त कर सकें। हादसे में 15 यात्री गंभीर रूप से झुलस गए, जिनमें चार महिलाएं और दो मासूम बच्चे शामिल हैं। कुछ यात्री 70 प्रतिशत तक जले, जिन्हें प्रथम उपचार के लिए जैसलमेर के जवाहर अस्पताल ले जाया गया, उसके बाद उन्नत इलाज हेतु जोधपुर के अस्पतालों में रेफर किया गया।
नेशनल हाईवे 125 पर ग्रीन कॉरिडोर बनाकर आठ एंबुलेंसों के साथ पुलिस एस्कॉर्ट की मदद से घायलों को सुरक्षित जोधपुर पहुंचाया गया। जिला कलेक्टर ने बताया कि बस पूरी तरह जलकर राख हो गई है। कई शव इतने बुरी तरह से जले हैं कि उनकी पहचान मुश्किल हो रही है। जोधपुर से डीएनए सैंपलिंग और फोरेंसिक टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं। कलेक्टर ने कहा, “मृतकों की पहचान डीएनए टेस्ट से की जाएगी, ठीक वैसे ही जैसे अहमदाबाद विमान हादसे में किया गया था। उसके बाद ही शवों को परिजनों को सौंपा जाएगा।” यह प्रक्रिया समय ले सकती है, लेकिन पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।
जैसलमेर में बस में लगी आग की घटना अत्यंत हृदयविदारक है। इस दुखद हादसे से प्रभावित नागरिकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। संबंधित अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार एवं प्रभावितों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रभु श्रीराम दिवंगत आत्माओं को…
— Bhajanlal Sharma (@BhajanlalBjp) October 14, 2025
जैसलमेर में हुए बस हादसे की घटना अत्यंत दुखद है। मौके पर पहुंचकर प्रशासनिक एवं सैन्य अधिकारियों से घटना की जानकारी ली। इस दुर्घटना में जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।
ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति और घायलों को अतिशीघ्र स्वास्थ्य लाभ… pic.twitter.com/WpNZvj21ul
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हादसे की भयावहता को देखते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा मंगलवार रात ही जैसलमेर पहुंचे। उन्होंने जली हुई बस का निरीक्षण किया और प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। सीएम ने गहन जांच के आदेश दिए हैं, ताकि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो सके। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की।
जोधपुर में महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचकर जैसलमेर बस दुर्घटना में घायल हुए लोगों एवं उनके परिजनों से मुलाकात की। चिकित्सकों से उनके उपचार की स्थिति की जानकारी लेकर हर संभव चिकित्सा सहायता एवं सर्वोत्तम उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
ईश्वर से प्रार्थना है कि वे सभी घायलों… pic.twitter.com/ScSaamoPM7
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस दुखद घटना पर गहरा शोक जताया। पीएमओ के एक एक्स पोस्ट में उन्होंने लिखा, “जैसलमेर, राजस्थान में हुए इस हादसे से व्यथित हूं। मेरी संवेदनाएं प्रभावित परिवारों के साथ हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।” पीएम ने मृतकों के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से 2 लाख रुपये तथा घायलों के लिए 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की।
Distressed by the loss of lives due to a mishap in Jaisalmer, Rajasthan. My thoughts are with the affected people and their families during this difficult time. Praying for the speedy recovery of the injured.
An ex-gratia of Rs. 2 lakh from PMNRF would be given to the next of…
— PMO India (@PMOIndia) October 14, 2025
यह हादसा नई बसों की सुरक्षा जांच की अनदेखी को उजागर करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित इलेक्ट्रिकल चेकअप और अग्निशमन उपकरणों की अनिवार्यता से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है। पूरे राजस्थान में शोक की लहर दौड़ गई है, और सरकार ने मुआवजे के साथ-साथ सुरक्षा मानकों को सख्त करने का वादा किया है।
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