नई दिल्ली, 16 अक्टूबर 2025। Interest on PF: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) द्वारा प्रबंधित प्रॉविडेंट फंड (पीएफ) भारत के करोड़ों सैलरीड कर्मचारियों की रिटायरमेंट सेविंग्स का प्रमुख स्रोत है। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए ईपीएफओ ने पीएफ जमा पर 8.25% ब्याज दर घोषित की है। यह दर केंद्र सरकार द्वारा अनुमोदित होती है और पिछले वर्षों की तुलना में स्थिर बनी हुई है। ब्याज चक्रवृद्धि (कंपाउंड) आधार पर गणना किया जाता है, जो लंबे समय में फंड को तेजी से बढ़ाता है।
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उदाहरण के लिए, यदि आपका मासिक योगदान 10,000 रुपये है, तो सालाना ब्याज लगभग 825 रुपये अतिरिक्त जोड़ता है, जो समय के साथ बढ़ता जाता है। यह दर बाजार की उतार-चढ़ाव से सुरक्षित रखी जाती है, जिससे पीएफ एक विश्वसनीय निवेश विकल्प बनता है।मजबूत फंड कैसे बनाएं: स्मार्ट टिप्सपीएफ को मजबूत फंड बनाने के लिए नियमित योगदान सबसे महत्वपूर्ण है। कानून के अनुसार, बेसिक सैलरी का 12% कर्मचारी और नियोक्ता दोनों द्वारा जमा किया जाता है।
ईपीएफओ इस पूंजी को सरकारी बॉन्ड्स, स्टॉक मार्केट इंडेक्स फंड्स और अन्य सुरक्षित साधनों में निवेश करता है, जो जोखिम-मुक्त रिटर्न सुनिश्चित करता है। मजबूत फंड के लिए: (1) समय पर योगदान सुनिश्चित करें, (2) अतिरिक्त योगदान (वॉलंटरी प्रॉविडेंट फंड) जोड़ें, (3) नौकरी बदलने पर ट्रांसफर करवाएं ताकि ब्याज चक्रवृद्धि बरकरार रहे। लंबे समय (20-30 वर्ष) तक निवेश से लाखों रुपये का कॉर्पस बन सकता है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि पीएफ को रिटायरमेंट प्लानिंग का कोर रखें और अन्य निवेशों के साथ संतुलित करें।ईपीएफओ क्यों नहीं देता 100% निकासी: पुरानी नीति का कारणपारंपरिक रूप से ईपीएफओ 100% निकासी की अनुमति नहीं देता था, क्योंकि पीएफ रिटायरमेंट के लिए डिजाइन किया गया है, न कि तत्काल खर्चों के लिए। इसका उद्देश्य कर्मचारियों को वित्तीय अनुशासन सिखाना और बुढ़ापे में सुरक्षा सुनिश्चित करना था। पहले, आंशिक निकासी (जैसे मेडिकल, शिक्षा या घर खरीद) के लिए 75-90% तक सीमित था, ताकि न्यूनतम बैलेंस बना रहे।
यह नीति फंड की स्थिरता बनाए रखने के लिए थी, क्योंकि पूर्ण निकासी से संगठन की निवेश क्षमता प्रभावित हो सकती थी। हालांकि, अब नियम ढीले हो गए हैं।नई निकासी नीति: 100% आंशिक निकासी के फायदेहाल ही में ईपीएफओ ने नियम सरल बनाए हैं, अब सदस्य विशिष्ट जरूरतों (जैसे आवास, शिक्षा, चिकित्सा) के लिए योग्य बैलेंस का 100% आंशिक निकासी कर सकते हैं। लेकिन कुल बैलेंस का कम से कम 25% खाते में रखना अनिवार्य है, जो ब्याज कमाई जारी रखेगा।
यह बदलाव डिजिटल सेवाओं से जुड़ा है, जैसे यूनिफाइड पोर्टल पर आसान आवेदन। इससे सदस्यों को लचीलापन मिला है, लेकिन रिटायरमेंट लक्ष्य पर फोकस बरकरार। कुल मिलाकर, पीएफ न केवल ब्याज देता है बल्कि वित्तीय स्वतंत्रता का मार्ग प्रशस्त करता है।
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