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IndiGo Crisis: इंडिगो की उड़ानें रद्द, 900 से अधिक फ्लाइट्स प्रभावित, एयरपोर्ट्स पर 12 घंटे से फंसे यात्री

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IndiGo Crisis

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नई दिल्ली, 5 दिसंबर 2025। IndiGo Crisis:  भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के संचालन में बड़ा संकट पैदा हो गया है। पिछले तीन दिनों में 900 से अधिक उड़ानें रद्द होने से देशभर के प्रमुख एयरपोर्ट्स पर हाहाकार मच गया। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और गोवा जैसे हब एयरपोर्ट्स पर हजारों यात्री 12 घंटे से अधिक समय तक फंसे रहे। कई यात्रियों को न पानी, न खाना मिला, जबकि लंबी कतारों में खड़े होकर वे फ्लाइट स्टेटस की जानकारी लेने को तरसते रहे।

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सोशल मीडिया पर यात्री अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं, और विपक्षी नेता राहुल गांधी ने इसे सरकार की ‘मोनोपॉली मॉडल’ की कीमत बताया है। इस संकट की शुरुआत 3 दिसंबर को हुई, जब 150 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं। गुरुवार को यह संख्या बढ़कर 550 से ऊपर पहुंच गई, जबकि कुल रद्दीकरण तीन दिनों में 1,000 के पार हो चुका है। इंडिगो ने इसे क्रू शॉर्टेज, नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट (FDTL) नियमों, तकनीकी खराबी, मौसम की मार और एयरपोर्ट कंजेशन का परिणाम बताया है।

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विशेषज्ञों के अनुसार, नवंबर में ही इंडिगो ने 1,232 उड़ानें रद्द की थीं, जिनमें 61% क्रू की कमी से। नए नियमों के तहत पायलटों की ड्यूटी घंटे सीमित हो गए, जिससे रोस्टरिंग प्रभावित हुई। दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर 225 उड़ानें रद्द होने से स्थिति सबसे खराब रही। एक यात्री ने कहा, “हम शाम 6 बजे पहुंचे थे, अब 12 घंटे हो चुके हैं। इंडिगो ने कोई स्पष्टता नहीं दी। वरिष्ठ नागरिक और बच्चे भूखे-प्यासे फर्श पर सो रहे हैं।”

मुंबई में 118 उड़ानें रद्द हुईं, जहां यात्री वैकल्पिक फ्लाइट्स के लिए 20-30 हजार रुपये तक चुकाने को मजबूर हुए। हैदराबाद में 68 रद्दीकरणों के बाद यात्री भड़क उठे, और सीआईएसएफ को हस्तक्षेप करना पड़ा। चेन्नई में 31 उड़ानें रद्द होने से अन्य एयरलाइंस की फ्लाइट्स भी लेट हुईं। बेंगलुरु में 73 उड़ानें प्रभावित हुईं, जहां लॉस्ट लुगेज की समस्या ने हंगामा बढ़ा दिया।

गोवा और तिरुवनंतपुरम जैसे छोटे एयरपोर्ट्स पर भी 4-4 उड़ानें रद्द हुईं। यात्रियों की शिकायतें बढ़ती जा रही हैं। कई ने बताया कि काउंटर्स खाली पड़े थे, स्टाफ गायब था, और कोई सहायता नहीं मिली। शादियों, मेडिकल अपॉइंटमेंट्स और छुट्टियों के लिए निकले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। सोशल मीडिया पर #IndiGoChaos ट्रेंड कर रहा है, जहां तस्वीरें साझा की जा रही हैं- लगेज पर सोते यात्री, गेट चेंजेस और खाली काउंटर्स। एक यूजर ने लिखा, “इंडिगो को अपना एक्ट टुगेदर करना चाहिए, यह मजाक नहीं है।”

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सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने इंडिगो को तत्काल सामान्य करने और किराया न बढ़ाने के निर्देश दिए। डीजीसीए ने जांच शुरू कर दी है और एयरलाइन को स्पष्टीकरण मांगा है। इंडिगो का कहना है कि फरवरी 10 तक पूर्ण बहाली हो जाएगी, और अगले 48 घंटों में सुधार के कदम उठाए जा रहे हैं। यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि फ्लाइट स्टेटस चेक करें और वैकल्पिक विकल्प तलाशें। यह संकट भारतीय विमानन क्षेत्र के लिए चेतावनी है, जहां एक एयरलाइन की समस्या पूरे सिस्टम को ठप कर देती है।

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