भारत की अर्थव्यवस्था को इस समय विदेशी मुद्रा भंडार (फॉरेक्स रिजर्व) के मोर्चे पर लगातार दो सप्ताह से झटका लग रहा है। पिछले दो हफ्तों में भारत के फॉरेक्स रिजर्व में कुल 6.11 अरब डॉलर (करीब 53 हजार करोड़ रुपये) की गिरावट दर्ज की गई है। इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण डॉलर इंडेक्स में मजबूती और रुपए में लगातार कमजोरी को माना जा रहा है। मौजूदा समय में डॉलर के मुकाबले रुपया 86 के पार पहुंच चुका है।
भारत का फॉरेक्स रिजर्व गिरा
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार,
- 11 जुलाई को समाप्त सप्ताह में भारत का फॉरेक्स रिजर्व 3.06 अरब डॉलर घटकर 696.67 अरब डॉलर रह गया।
- इससे पिछले सप्ताह भी रिजर्व में 3.05 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई थी।
- यानी दो हफ्तों में कुल गिरावट 6.11 अरब डॉलर की हो चुकी है।
यह फॉरेक्स रिजर्व सितंबर 2024 में अपने उच्चतम स्तर 704.88 अरब डॉलर पर था, लेकिन अब यह नीचे खिसक रहा है।
गोल्ड और अन्य रिजर्व में भी गिरावट
आरबीआई के अनुसार:
- फॉरेन करेंसी असेट्स 2.48 अरब डॉलर घटकर 588.81 अरब डॉलर हो गई।
- सोने का भंडार (Gold Reserve) भी 498 मिलियन डॉलर घटकर 84.35 अरब डॉलर पर आ गया।
- एसडीआर (Special Drawing Rights) 66 मिलियन डॉलर गिरकर 18.80 अरब डॉलर रह गए।
- IMF के पास भारत का रिजर्व भी 2.4 करोड़ डॉलर की गिरावट के साथ 4.71 अरब डॉलर रह गया है।
पाकिस्तान में बढ़ा विदेशी मुद्रा भंडार
जहां भारत में गिरावट हो रही है, वहीं पड़ोसी देश पाकिस्तान में फॉरेक्स रिजर्व में इजाफा देखा गया है।
- स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (SBP) ने बताया कि 2.3 करोड़ डॉलर की बढ़ोतरी के साथ उनका रिजर्व 14.53 अरब डॉलर हो गया है।
- पाकिस्तान के कुल तरल विदेशी मुद्रा भंडार अब करीब 19.96 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है।
आगे और गिर सकता है फॉरेक्स रिजर्व?
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील का फाइनल न होना, और अमेरिका द्वारा BRICS देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी, भारत के रुपए को और कमजोर बना सकता है।
रुपए की गिरावट रोकने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक लगातार डॉलर बेच रहा है, जिससे फॉरेक्स रिजर्व पर दबाव बन रहा है।आप क्या सोचते हैं? क्या भारत की अर्थव्यवस्था इस गिरावट को संभाल पाएगी? अपनी राय नीचे कमेंट में ज़रूर बताएं।








