लखनऊ, 29 अक्टूबर 2025। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कानून-व्यवस्था की पोल एक बार फिर खुल गई है। मड़ियांव थाना क्षेत्र के एल्डिको सिटी स्थित कुटीर अपार्टमेंट में एक पार्किंग विवाद ने हिंसक रूप धारण कर लिया। यहां सोसाइटी के आरडब्ल्यूए प्रेसिडेंट रमन सिंह समेत 8 से 10 लोगों ने एक युवती और उसके भाई पर फ्लैट में घुसकर क्रूरता से हमला बोल दिया। घटना के चार दिन बाद भी पुलिस की उदासीनता से तंग आकर पीड़िता ने थाने के बाहर खड़े होकर रोते हुए वीडियो बनाया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
इसे भी पढ़ें- Railway Hospital Fire: लखनऊ के रेलवे अस्पताल में लगी भीषण आग, CCU से सुरक्षित निकाले गए 22 मरीज
इस वीडियो ने न केवल हिंसा की भयावहता उजागर की, बल्कि यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए। घटना की शुरुआत एक मामूली पार्किंग विवाद से हुई। पीड़िता ने अपनी स्कूटी अपार्टमेंट के अंदर खड़ी कर दी थी। गार्ड ने इसे हटाने का निर्देश दिया, लेकिन युवती ने इनकार कर दिया। इससे नाराज गार्ड ने वीडियो बनाना शुरू कर दिया। गुस्से में आकर युवती ने गार्ड का मोबाइल तोड़ दिया।
लखनऊ में एक भाई-बहन के साथ हुई मारपीट का वीडियो वायरल है!
मडियांव थाना क्षेत्र के एल्डिको सिटी के कुटीर अपार्टमेंट में शालू चौरसिया भाई के साथ किराए पर रहती हैं। उनका आरोप है कि पार्किंग विवाद के बाद सोसाइटी के आरडब्ल्यूए प्रेसिडेंट और अन्य निवासियों ने मारपीट की है। इस मारपीट… pic.twitter.com/34A7NnIAJL
— Gyanendra Shukla (@gyanu999) October 28, 2025
इसकी शिकायत पर गार्ड ने तुरंत आरडब्ल्यूए अध्यक्ष रमन सिंह को बुला लिया। कुछ ही मिनटों में रमन सिंह के नेतृत्व में एक भीड़ फ्लैट पर पहुंच गई। दरवाजा खुलते ही रमन सिंह ने सफेद कुर्ता-पैजामा पहनकर दौड़ लगाई और युवती को जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। इसके बाद बाकी हमलावर अंदर घुस आए और भाई-बहन को मॉस्किटो रॉकेट, मुक्कों और गालियों से लहूलुहान कर दिया।
वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि युवती को महज कुछ सेकंडों में कई थप्पड़ पड़े, जब उसका भाई भी बचाव में आया तो उसे भी नहीं बख्शा गया। पीड़िता ने थाने पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई, लेकिन चार दिनों तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। मजबूरन उसने मड़ियांव थाने के बाहर खड़े होकर एक भावुक वीडियो शूट किया। वीडियो में फूट-फूटकर रोती युवती कहती है, “वहां का अध्यक्ष मेरे साथ मारपीट कर रहा था, छेड़छाड़ कर रहा था, मेरा फोन छीन लिया। मैं चार दिन से थाने के चक्कर काट रही हूं, एफआईआर तक नहीं लिखी जा रही। डर के मारे अपने फ्लैट पर नहीं लौट पा रही, दोस्त के घर भाई के साथ छिपी हुई हूं। यही है यूपी पुलिस की सच्चाई।”
उसकी कांपती आवाज और आंसुओं से भरी आंखें न केवल शारीरिक हिंसा का दर्द बयां कर रही थीं, बल्कि व्यवस्था की चुप्पी और असंवेदनशीलता का भी आईना दिखा रही थीं। अंततः वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई। मड़ियांव थाने में छेड़छाड़, मारपीट और अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। हालांकि, पीड़िता का कहना है कि आरोपी अभी भी खुले घूम रहे है।
इसे भी पढ़ें- Chhath Puja 2025: छठ पूजा के लिए लखनऊ में 28 और बलिया में 27 को रहेगी छुट्टी, इस रास्तों पर जाने से बचें








