नई दिल्ली, 24 नवंबर 2025। IMD Alert: भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बंगाल की खाड़ी में एक नया साइक्लोन ‘सेन्यार’ बनने की चेतावनी जारी की है। यह चेतावनी 22 नवंबर को साउथ अंडमान सागर में बने लो प्रेशर एरिया से जुड़ी है, जो तेजी से तीव्र हो रहा है। IMD के अनुसार, यह सिस्टम 24 नवंबर तक डिप्रेशन में बदल सकता है और 26 नवंबर तक पूर्ण साइक्लोनिक स्टॉर्म ‘सेन्यार’ का रूप धारण कर लेगा।
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‘सेन्यार’ नाम संयुक्त अरब अमीरात द्वारा सुझाया गया है, जिसका अर्थ ‘शेर’ है। यह साइक्लोन वेस्ट-नॉर्थवेस्ट दिशा में बढ़ेगा, जिससे दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में हलचल मच सकती है। हालांकि, इसका सटीक ट्रैक अभी अनिश्चित है, लेकिन मॉडल्स के अनुसार यह तमिलनाडु से उत्तर की ओर (ओडिशा, पश्चिम बंगाल) की ओर मुड़ सकता है।

IMD ने विशेष बुलेटिन जारी कर कहा है कि सिस्टम के डिप्रेशन बनने के बाद हर छह घंटे में अपडेट दिए जाएंगे, जबकि साइक्लोध्र प्रदेश तट न बनने पर तीन घंटे में। वर्तमान में हवा की गति 35-45 किमी/घंटा है, जो रविवार तक 55 किमी/घंटा की रफ्तार वाली गस्ट्स के साथ बढ़ेगी। 25 नवंबर को यह 65 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। साइक्लोन के कारण समुद्र में ऊंची लहरें उठेंगी, जिससे मछुआरों के लिए खतरा है। IMD ने अंडमान सागर और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 25 नवंबर तक मछली पकड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है, जो 28 नवंबर तक बढ़ सकता है।
प्रभावित राज्य और संभावित असर
सबसे ज्यादा प्रभावित। 23 से 27 नवंबर तक अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश (105-204 मिमी) की चेतावनी। निकोबार द्वीपों में सिस्टम करीब से गुजरेगा, जिससे बाढ़ और भूस्खलन का खतरा।
तमिलनाडु: 24-25 नवंबर को भारी से बहुत भारी वर्षा। चेन्नई और उत्तरी तटीय इलाकों में हाई अलर्ट, बाढ़ की आशंका।
केरल: दक्षिणी तटों पर तेज हवाएं और मध्यम से भारी बारिश। 25 नवंबर के आसपास प्रभाव बढ़ेगा।
कर्नाटक: उत्तरी तटीय जिलों में 24-26 नवंबर को अच्छी बारिश, लेकिन साइक्लोन के उत्तर मुड़ने पर कम असर।
अंध्र प्रदेश: यदि ट्रैक दक्षिण की ओर रहा, तो विजाग और अन्य तटीय क्षेत्रों में हाई विंड्स और वर्षा।
ओडिशा: उत्तरवर्ती ट्रैक पर भारी वर्षा संभव, लेकिन अभी कम संभावना।
पश्चिम बंगाल: बंगाल की खाड़ी के निकट होने से संभावित प्रभाव, विशेषकर कोलकाता के आसपास।
मछुआरों के लिए: समुद्र से दूर रहें, नावें तट पर लाएं।
तैयारी: तटीय इलाकों में एनडीआरएफ टीमें तैनात, बाढ़ नियंत्रण के उपाय।
IMDस्काईमेट वेदर ने भी साइक्लोन बनने की पुष्टि की, लेकिन तीव्रता मॉडरेट रहने की उम्मीद।
IMD ने लोगों से अपील की है कि दैनिक बुलेटिन फॉलो करें और कमजोर इलाकों से हटें। यह साइक्लोन मानसून के बाद का पहला बड़ा सिस्टम है, जो कृषि और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन से ऐसे सिस्टम अधिक तीव्र हो रहे हैं। सरकार ने प्रभावित राज्यों में राहत कार्य शुरू कर दिए हैं।
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