हांगकांग, 27 नवंबर 2025। Hong Kong Fire: हांगकांग के ताई पो जिले में बुधवार दोपहर एक भयानक आग ने वांग फुक कोर्ट आवासीय परिसर को अपनी चपेट में ले लिया, जो शहर के इतिहास की सबसे घातक आगों में से एक साबित हुई। इस हादसे में कम से कम 44 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें एक अग्निशमनकर्मी भी शामिल है, जबकि 279 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
आग ने परिसर की आठ में से सात इमारतों को अपनी गिरफ्त में ले लिया, जहां 31-32 मंजिला ऊंची इमारतें बांस की स्कैफोल्डिंग से ढकी हुई थीं। लपटें इतनी भयावह थीं कि वे कई किलोमीटर दूर तक दिखाई दीं, और घना काला धुआं शहर की स्काईलाइन को ढक गया। आग दोपहर 2:51 बजे एक इमारत की बाहरी स्कैफोल्डिंग से शुरू हुई, जो नवीनीकरण कार्य के तहत लगाई गई थी। तेज हवाओं और ज्वलनशील सामग्रियों जैसे स्टायरोफोम की वजह से आग तेजी से फैली, जो असामान्य रूप से तेज थी।

फायर सर्विसेज डिपार्टमेंट के निदेशक एंडी यंग ने बताया कि ऊपरी मंजिलों तक पहुंचना मुश्किल हो गया क्योंकि तापमान बेहद ऊंचा था, और गिरते मलबे व स्कैफोल्डिंग ने बचाव कार्य को और जटिल बना दिया। 760 से अधिक अग्निशमनकर्मियों, 140 फायर इंजनों और 60 एम्बुलेंस को तैनात किया गया। रात भर चले अभियान में चार इमारतों पर काबू पा लिया गया, लेकिन बाकी चार में सुबह तक आग सुलग रही थी।
मरने वालों में 37 वर्षीय अग्निशमनकर्मी हो वाई-हो भी शामिल हैं, जो नौ साल से सेवा में थे। 62 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें 45 गंभीर रूप से जलने और धुएं से प्रभावित हैं। कई निवासियों ने बताया कि वे ऊपरी मंजिलों पर फंस गए थे, और पुलिस को फंसे लोगों के कई फोन आए। एक बुजुर्ग निवासी वोंग ने अपनी पत्नी के फंसने पर आंसू बहाते हुए दर्द बयां किया। परिसर में करीब 4,800 लोग रहते थे, ज्यादातर बुजुर्ग। आग नवीनीकरण के दौरान लगी।
पुलिस ने आग के कारणों की जांच शुरू कर दी है। तीन निर्माण अधिकारियों को हत्या के संदेह में गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों को शक है कि बाहरी दीवारों पर लगी सामग्री फायर-रेसिस्टेंट स्टैंडर्ड पर खरी नहीं उतरी। यह हादसा 1996 की कोलून आग की याद दिलाता है, जिसमें 41 लोग मारे गए थे। हांगकांग में भवन मानकों को मजबूत करने के बावजूद, स्कैफोल्डिंग से जुड़ी आगों की घटनाएं बढ़ रही हैं। आग के बाद आसपास की इमारतों से हजारों लोगों को निकाला गया, और अस्थायी आश्रय स्थापित किए गए। एक आश्रय को असुरक्षित मानकर बंद कर दिया गया।
सरकार ने आपराधिक जांच और सार्वजनिक पूछताछ का वादा किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि बांस की स्कैफोल्डिंग, जो सदियों पुरानी तकनीक है, आधुनिक सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं है। निवासियों ने कहा, “घर जलते देखकर नींद कैसे आएगी?” बचाव कार्य जारी है, लेकिन लापता लोगों की तलाश चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। हांगकांग की यह त्रासदी भवन सुरक्षा पर सवाल खड़ी कर रही है।
इसे भी पढ़ें- Delhi Fire: दिल्ली के रिठाला में भयावह आग, 500 झुग्गियां राख, एक युवक की मौत








