नई दिल्ली, 11 दिसंबर 2025। Hindu Religious Trees: भारतीय धर्म-शास्त्रों और ज्योतिष में कुछ विशेष वृक्षों को दिव्य और चमत्कारी माना गया है। ये पेड़ केवल पर्यावरण का हिस्सा नहीं, बल्कि जीवंत देवता हैं जिनमें त्रिदेव और मां लक्ष्मी का वास होता है। इनकी नियमित पूजा-सेवा से घर से दरिद्रता भाग जाती है, ग्रह-दोष शांत होते हैं और भाग्य के बंद दरवाजे खुल जाते हैं। आइए जानते हैं शास्त्रों में वर्णित उन 5 सबसे पवित्र वृक्षों के बारे में…
इसे भी पढ़ें-Shani Ki Sade Sati: ज्योतिष का काला साया या कर्मों का आईना? क्यों डर जाते हैं लोग इसके नाम से
तुलसी – मां लक्ष्मी का जीवंत स्वरूप
गरुड़ पुराण में स्पष्ट लिखा है – “जहां प्रतिदिन तुलसी पूजा होती है, वहां यमदूत भी प्रवेश नहीं कर सकते।” तुलसी घर में सकारात्मक ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत है। रोज सुबह-शाम तुलसी को जल चढ़ाने और 11 या 21 परिक्रमा करने से धन-वृद्धि होती है, कर्ज और आर्थिक संकट दूर होते हैं।
पीपल – स्वयं भगवान श्रीकृष्ण का रूप
भगवद्गीता (अध्याय 10, श्लोक 26) में श्रीकृष्ण कहते हैं – “अश्वत्थः सर्ववृक्षाणां” अर्थात सभी वृक्षों में मैं पीपल हूं। पीपल में ब्रह्मा-विष्णु-महेश तीनों का वास है। शनिवार को पीपल में जल चढ़ाने और सरसों के तेल का दीपक जलाने से शनि दोष, पितृ दोष और राहु-केतु की पीड़ा दूर होती है। मानसिक तनाव और रोगों में भी चमत्कारी लाभ मिलता है।
बेलपत्र का वृक्ष – भोलेनाथ का सबसे प्रिय
स्कंद पुराण के अनुसार, शिवलिंग पर एक बेलपत्र चढ़ाने से सहस्रों पाप नष्ट हो जाते हैं। बेल की तीन पत्तियां ब्रह्मा-विष्णु-महेश का प्रतीक हैं। सोमवार को बेल वृक्ष की जड़ में दूध-शक्कर चढ़ाना और शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने से आकस्मिक धन प्राप्ति के योग बनते हैं। नौकरी-व्यवसाय में बाधाएं दूर होती हैं।
आंवला – एक पूजा = हजार गौदान का पुण्य
पद्म पुराण में लिखा है कि आंवला वृक्ष की पूजा करने से हजार गाय दान करने जितना फल मिलता है। कार्तिक मास में आंवले के पेड़ के नीचे दीपदान करने से कुंडली में सूर्य और गुरु मजबूत होते हैं। भाग्योदय होता है, संतान सुख और व्यापार में वृद्धि होती है।
केला – विष्णु जी और बृहस्पति का निवास स्थान
केले के वृक्ष में भगवान विष्णु और गुरु बृहस्पति का वास माना जाता है। हर शुभ कार्य में केले के पत्ते-पौधे अनिवार्य होते हैं। घर के आंगन या मुख्य द्वार पर केले का पेड़ लगाने और गुरुवार को उसकी पूजा करने से घर में कभी कलह-क्लेश और गरीबी नहीं आती। गुरु दोष शांत होता है, विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।
इन पवित्र वृक्षों को घर या आस-पास लगाएं, नियमित जल चढ़ाएं, दीप करें और परिक्रमा करें – शास्त्रों के अनुसार इनकी सेवा से जीवन में सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और मानसिक शांति की कोई कमी नहीं रहती।
इसे भी पढ़ें-Lord Vishnu Worship: सूर्यास्त से पहले दीपक जलाने से बरसती है मां लक्ष्मी की कृपा, जानें विधि और नियम








