नई दिल्ली, 25 दिसंबर 2025। Gold-Silver Outlook: साल 2025 सोने-चांदी के निवेशकों के लिए शानदार रहा। दिसंबर 2025 तक 24 कैरेट सोने की कीमत भारत में करीब ₹1,36,000-1,38,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई, जबकि चांदी ₹2,30,000-2,34,000 प्रति किलोग्राम के आसपास ट्रेड कर रही है। साल भर में सोने में 60-70% और चांदी में 120-140% तक की भारी तेजी दर्ज की गई। वैश्विक अनिश्चितताएं, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और इंडस्ट्रियल डिमांड ने इन धातुओं को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। अब निवेशक उत्सुक हैं कि 2026 में यह रफ्तार बरकरार रहेगी या सुस्त पड़ेगी?
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एक्सपर्ट्स की भविष्यवाणी
आनंद राठी शेयर्स के डायरेक्टर नवीन माथुर का कहना है कि 2026 में सोना-चांदी दोनों मजबूत रहेंगे, लेकिन रिटर्न की रफ्तार सामान्य हो सकती है। कम ब्याज दरें और वैश्विक स्थितियां सोने को स्थिरता देंगी, जबकि चांदी इंडस्ट्रियल डिमांड (सोलर, ईवी, सेमीकंडक्टर) के कारण सोने से बेहतर प्रदर्शन कर सकती है। माथुर के मुताबिक, चांदी में ज्यादा प्रतिशत रिटर्न की संभावना है।

इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के प्रेसिडेंट पृथ्वीराज कोठारी अधिक आशावादी हैं। उनका अनुमान है कि 2026 में सोना ₹1.50 लाख से ₹1.65 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है, जबकि चांदी ₹2.30 लाख से ₹2.50 लाख प्रति किलोग्राम तक जा सकती है। वैश्विक स्तर पर गोल्ड $4,900-5,100 प्रति औंस और सिल्वर $95-100 प्रति औंस तक पहुंचने का अनुमान है।
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल और अन्य अंतरराष्ट्रीय एक्सपर्ट्स भी 2026 को पॉजिटिव मान रहे हैं। जियोपॉलिटिकल रिस्क, सॉफ्ट ग्रोथ और पॉलिसी ईजिंग से गोल्ड को सपोर्ट मिलेगा। सिल्वर की सप्लाई डेफिसिट और इंडस्ट्रियल यूज इसे हाई बीटा प्ले बनाते हैं, यानी ज्यादा वोलेटाइल लेकिन ज्यादा रिटर्न।तेजी के प्रमुख कारण केंद्रीय बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं।
चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड रिकॉर्ड स्तर पर।
कम ब्याज दरें, मुद्रास्फीति हेज और डी-डॉलराइजेशन ट्रेंड।
भारत में ETF इनफ्लो और फेस्टिव/वेडिंग डिमांड।
हालांकि, रिस्क भी हैं- अगर फेड रेट हाइक करे या डॉलर मजबूत हो, तो शॉर्ट-टर्म करेक्शन आ सकता है।
निवेश की सलाह
एक्सपर्ट्स लॉन्ग टर्म के लिए सोने में SIP की सलाह देते हैं, क्योंकि यह स्थिरता प्रदान करता है। चांदी में वोलेटिलिटी ज्यादा होने से SIP यहां भी फायदेमंद। सेनको गोल्ड के सुवंकर सेन और अन्य का मानना है कि चांदी 2026 में सोने से आगे निकल सकती है। डिप्स पर खरीदारी करें, लेकिन डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो रखें।2025 की तरह 2026 भी प्रेशियस मेटल्स के लिए बुलिश नजर आ रहा है, लेकिन चांदी ज्यादा चमक दिखा सकती है।
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