लखनऊ, 25 नवंबर 2025। Ganga Expressway: उत्तर प्रदेश के सबसे महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण तेजी से पूरा हो रहा है। इस 594 किलोमीटर लंबे सुपरफास्ट हाईवे के चालू होने से मेरठ से प्रयागराज की यात्रा, जो वर्तमान में 10-12 घंटे लेती है, महज 6 घंटे में तय हो जाएगी। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) के अनुसार, नवंबर 2025 तक फेज-1 का उद्घाटन हो जाएगा, जिससे दिल्ली-एनसीआर से पूर्वांचल के बीच कनेक्टिविटी में क्रांति आ जाएगी।
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यह एक्सप्रेसवे न केवल यात्रा को आसान बनाएगा, बल्कि आर्थिक विकास को भी नई गति देगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 दिसंबर 2021 को इसकी आधारशिला रखी थी। कुल 999 किमी लंबा यह प्रोजेक्ट गंगा नदी के समानांतर 10 किमी की दूरी पर बनाया जा रहा है, ताकि पर्यावरण मानकों का पालन हो। फेज-1 मेरठ (NH-334) से प्रयागराज (NH-2 बाईपास) तक फैला है, जो 12 जिलों – मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज को जोड़ेगा।
वर्तमान में 92% से अधिक काम पूरा हो चुका है: अर्थवर्क 99%, GSB 98%, WMM 99%, DBM 98% और 1,497 में से 1,498 संरचनाएं तैयार हैं। खास बात यह है कि एक्सप्रेसवे को 6 लेन (भविष्य में 8 लेन तक विस्तार योग्य) बनाया जा रहा है, जिसमें 120 मीटर चौड़ी राइट ऑफ वे और एक तरफ 3.75 मीटर की सर्विस रोड शामिल है। पूर्णतः एक्सेस कंट्रोल्ड यह ग्रीनफील्ड हाईवे बंद टोल सिस्टम पर चलेगा। इसमें 26 अंडरपास, फ्लाईओवर (जैसे बसिरतगंज और नेवरना पर), 2 मुख्य टोल प्लाजा और 9 सुविधा कॉम्प्लेक्स (फूड कोर्ट, रेस्ट एरिया) होंगे।
सुरक्षा के लिए स्ट्रीटलाइट्स, कैमरे, स्पीड मीटर और कंट्रोल रूम भी लगाए जा रहे हैं। मई 2025 में भारतीय वायुसेना ने शाहजहांपुर के पास 3.5 किमी लंबे इमरजेंसी लैंडिंग स्ट्रिप पर Su-30MKI, मिराज 2000, MiG-29 समेत कई विमानों की टेस्टिंग की, जो इसकी बहुउद्देशीय क्षमता दर्शाता है। नवंबर 2025 में मेरठ-बदायूं का 130 किमी स्ट्रीच सबसे पहले खुल जाएगा, जहां L&T जैसी कंपनियां तेजी से काम कर रही हैं।
मानसून की देरी के बावजूद, UPEIDA ने समयसीमा पर जोर दिया है। यह एक्सप्रेसवे यूपी की 2047 विजन का हिस्सा है, जो लॉजिस्टिक हब, वेयरहाउस और ट्रेड को बढ़ावा देगा। प्रयागराज महाकुंभ-2025 के बाद चालू होने से लाखों श्रद्धालुओं को फायदा होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे जीडीपी में 2-3% की वृद्धि संभव है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे “पूर्वांचल का गेटवे” करार दिया है।
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