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Fraud on PAN: चार्टर्ड अकाउंटेंट की धोखाधड़ी, दूसरे के PAN पर लोन लेकर करोड़ों की प्रॉपर्टी खरीदी, सावधान रहें!

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Fraud on PAN

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गाजियाबाद, 14 सितंबर 2025। Fraud on PAN: एक चौंकाने वाली घटना ने फाइनेंशियल जगत में हड़कंप मचा दिया है। एक प्रमुख शहर में प्रैक्टिस करने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) ने अपने क्लाइंट के PAN कार्ड का दुरुपयोग करके बैंक से करोड़ों रुपये का लोन हासिल कर लिया। इस पैसे से उसने लग्जरी प्रॉपर्टी खरीद ली, जो अब जांच के घेरे में आ गई है। यह मामला न सिर्फ CA की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है, बल्कि आम लोगों को भी अपने PAN कार्ड की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की चेतावनी देता है।

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मामला तब सामने आया जब लोन क्लाइंट, एक मध्यमवर्गीय व्यवसायी, ने अपनी क्रेडिट रिपोर्ट चेक की। उन्हें पता चला कि उनके नाम पर एक बड़े बैंक से 5 करोड़ रुपये का लोन लिया गया है, जिसका EMI अभी तक नहीं चुकाया गया। इससे उनका सिबिल स्कोर खराब हो चुका था, और भविष्य के लोन के लिए समस्या हो रही थी। जांच में पता चला कि CA, जो क्लाइंट का टैक्स कंसल्टेंट था, ने क्लाइंट के PAN नंबर, आधार डिटेल्स और कुछ फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके लोन अप्रूव करवा लिया।

CA ने खुद को क्लाइंट के नाम पर ही प्रेजेंट किया और लोन अमाउंट को अपनी पर्सनल अकाउंट में ट्रांसफर कर लिया। पुलिस और बैंक की जांच से खुलासा हुआ कि CA ने इस लोन से मुंबई के एक पॉश इलाके में 4 करोड़ रुपये की लग्जरी फ्लैट खरीद ली। प्रॉपर्टी रजिस्ट्री में भी PAN का इस्तेमाल किया गया था, लेकिन मालिकाना हक CA के रिश्तेदार के नाम पर ट्रांसफर कर दिया गया।

CA ने फर्जी इनकम प्रूफ और बैलेंस शीट तैयार कीं, जो उसके प्रोफेशनल स्किल्स का दुरुपयोग था। यह घटना 2025 की शुरुआत में हुई, जब PAN कार्ड मिसयूज के केस बढ़ रहे थे। विशेषज्ञों के अनुसार, PAN कार्ड अब पहचान की चाबी बन चुका है, जिसका गलत इस्तेमाल क्रेडिट हिस्ट्री बर्बाद कर सकता है।क्लाइंट ने तुरंत साइबर सेल में शिकायत दर्ज की। जांच एजेंसी ने CA के ऑफिस पर छापा मारा, जहां से कई फर्जी दस्तावेज बरामद हुए।

CA के खिलाफ IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467 (फर्जीवाड़ा) और IT एक्ट के तहत केस दर्ज हो गया। बैंक ने लोन रिकवर करने के लिए प्रॉपर्टी अटैच करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। क्लाइंट को राहत देते हुए कोर्ट ने अस्थायी रूप से लोन की जिम्मेदारी CA पर डाल दी। यह घटना PAN कार्ड की सुरक्षा पर सवाल उठाती है। आयकर विभाग और RBI ने पहले ही अलर्ट जारी कर चुके हैं कि PAN से जुड़े लोन की हिस्ट्री नियमित चेक करें।

CIBIL या अन्य क्रेडिट ब्यूरो की वेबसाइट पर फ्री रिपोर्ट डाउनलोड करके देखा जा सकता है। अगर कोई अनजान लोन दिखे, तो तुरंत पुलिस और बैंक को सूचित करें। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि CA या किसी फाइनेंशियल एडवाइजर को PAN डिटेल्स शेयर करने से पहले उनकी बैकग्राउंड वेरिफाई करें।ऐसे फ्रॉड के पीछे साइबर क्रिमिनल्स का नेटवर्क भी काम करता है, जो डेटा लीक से PAN चुराते हैं।

2025 में ऐसे 20% केस बढ़े हैं, जहां प्रोफेशनल्स ही आरोपी पाए गए। सरकार ने e-PAN सिस्टम को मजबूत किया है, लेकिन व्यक्तिगत सतर्कता जरूरी है। इस केस से सबक लें: अपने फाइनेंशियल डॉक्यूमेंट्स को लॉक रखें और रेगुलर मॉनिटरिंग करें। CA प्रोफेशन, जो ट्रस्ट पर टिका है, अब सख्त रेगुलेशन की मांग कर रहा है। कुल मिलाकर, यह घटना बताती है कि भरोसा टूटने का असर जिंदगी भर रह सकता है।

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