Home » ताजा खबरें » Fake Doctor: महंगे शौक ने फिजियोथेरेपिस्ट को बनाया चोर, सरकारी अस्पताल में की चोरी, पुलिस ने खोले चौंकाने वाले राज

Fake Doctor: महंगे शौक ने फिजियोथेरेपिस्ट को बनाया चोर, सरकारी अस्पताल में की चोरी, पुलिस ने खोले चौंकाने वाले राज

Share :

Fake Doctor

Share :

शामली (उत्तर प्रदेश)। Fake Doctor: उत्तर प्रदेश के शामली जिले में एक फिजियोथेरेपिस्ट की गिरफ्तारी ने सनसनी फैला दी है। गांव भाजू (या भूरा खुर्द) निवासी आसिफ अली, जो खुद को सफल फिजियोथेरेपिस्ट बताता था, तीन गर्लफ्रेंड्स के महंगे शौक और लग्जरी लाइफस्टाइल पूरा करने के चक्कर में चोरी की राह पर उतर गया।

इसे भी पढ़ें- Lucknow News: बंद घरों की रेकी करने वाले दो शातिर चोर अरेस्ट, माल बरामद

पुलिस ने उसे और उसके साथी सचिन को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों ने 8 दिसंबर की रात कस्बा बनत स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में चोरी की थी, जहां से नेबुलाइजर मशीन, एलईडी टीवी, मीटर सहित 24 कीमती मेडिकल उपकरण चुराए गए थे। आसिफ झारखंड की एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी से नेचुरोपैथी या फिजियोथेरेपी में डिप्लोमा धारक है। उसने बनत क्षेत्र में अपना क्लिनिक खोला और दिन में 4000 रुपये तक कमाता था।

क्लीनिक में इलाज के दौरान आसपास की तीन युवतियों से उसकी मुलाकात हुई, जो दोस्ती और फिर प्रेम संबंध में बदल गई। आसिफ तीनों गर्लफ्रेंड्स के खर्च उठाने लगा, घूमना-फिरना, महंगे गिफ्ट्स और लग्जरी लाइफस्टाइल ने उसकी कमाई को कम पड़ने लगा। कर्ज का बोझ बढ़ता गया और पैसों की तंगी ने उसे अपराध की ओर धकेल दिया।

सहारनपुर निवासी दोस्त सचिन के साथ मिलकर आसिफ ने सरकारी अस्पताल को निशाना बनाया। चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों फरार हो गए, लेकिन अस्पताल की सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और तकनीकी सबूतों ने पुलिस को उनकी तलाश में सफलता दिलाई। अपर पुलिस अधीक्षक सुमित शुक्ला के नेतृत्व में टीम ने दोनों को दबोच लिया।

चोरी का पूरा सामान, इस्तेमाल की गई कार और मोबाइल फोन बरामद कर लिए गए। पूछताछ में आसिफ ने कबूल किया कि वह खुद को बड़ा डॉक्टर बताकर मरीजों से पथरी सहित कई बीमारियों के ऑपरेशन करने का दावा करता था, जबकि उसके पास न तो वैध मेडिकल लाइसेंस था और न ही सर्जरी की कोई ट्रेनिंग। वह एक महीने में चार ऑपरेशन करने की बात कहकर लोगों को ठगता था।

पुलिस को उसके मोबाइल से बड़ी संख्या में आपत्तिजनक और अश्लील सामग्री मिली, जिसमें विदेशी ऐप्स के जरिए सेक्सुअल ट्रेनिंग और संबंधित गतिविधियों की रिकॉर्डिंग शामिल हैं। आसिफ ने स्वीकार किया कि वह पिछले एक महीने से 56 देशों के लोगों के साथ ऑनलाइन सेक्सुअल दवाओं और क्रियाओं की ट्रेनिंग ले रहा था और वीडियो रिकॉर्ड करता था। पुलिस इस नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है कि इसमें और कौन शामिल हैं।

ASP सुमित शुक्ला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आरोपी की अय्याशी और महंगे शौक ही चोरी की मुख्य वजह बने। आसिफ ने पूछताछ में कहा, “4000 रुपये रोज कमाता हूं, लेकिन तीन गर्लफ्रेंड्स का खर्च कैसे उठाऊं?” दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। यह मामला फेक डॉक्टरी, डिजिटल अपराध और लालच की खतरनाक मिसाल पेश करता है। पुलिस ने लोगों को झोला छाप डॉक्टरों से सावधान रहने की अपील की है। जांच जारी है और आगे चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।

इसे भी पढ़ें- ट्रेन में BJP नेता की अस्थि कलश चुराने की कोशिश, चोर रंगे हाथों पकड़ा गया

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
News Portal Development Services in Uttar Pradesh
Cricket Score
सबसे ज्यादा पड़ गई
Share Market

शहर चुनें

Follow Us