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Delhi Pollution: दिल्ली-NCR में प्रदूषण का कहर, AQI 400 पार, अगले कुछ दिनों तक राहत के आसार नहीं

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Delhi Pollution

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नई दिल्ली, 24 दिसंबर 2025। Delhi Pollution: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर एक बार फिर खतरनाक हो गया है। सरकार के तमाम प्रयासों और ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के सख्त नियमों के बावजूद, हवा की गुणवत्ता नियंत्रण से बाहर होती दिख रही है।

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मंगलवार को दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 412 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ (Severe) श्रेणी में आता है। यह आठ दिनों बाद पहली बार है जब AQI ने 400 का आंकड़ा पार किया। इस दिसंबर महीने में यह चौथा मौका है जब प्रदूषण का स्तर इस हद तक पहुंचा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, शहर के 40 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 27 पर AQI गंभीर स्तर पर रहा, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद जोखिम भरा है।

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प्रदूषण के इस बढ़ते स्तर का मुख्य कारण कम हवा की गति और ठंडी मौसमी स्थितियां हैं, जो प्रदूषकों को फैलने नहीं देतीं। मंगलवार को हवाओं की रफ्तार 15 से 25 किलोमीटर प्रति घंटा रही, लेकिन आने वाले दिनों में यह और कम होने की संभावना है। बुधवार को 10-20 किमी/घंटा, गुरुवार को 5-10 किमी/घंटा और शुक्रवार को मात्र 5 किमी/घंटा तक रह सकती है। इससे प्रदूषण के कण जमीन के करीब फंस जाते हैं, जिससे स्मॉग की मोटी परत बन रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि, 24 से 26 दिसंबर तक प्रदूषण ‘बेहद खराब’ (Very Poor) से ‘गंभीर’ श्रेणी में रहेगा, और उसके बाद भी अगले 10 दिनों तक इसी स्तर पर बने रहने की आशंका है। शहर के विभिन्न इलाकों में हालात और भी बदतर हैं। सबसे प्रदूषित क्षेत्रों में नेहरू नगर का AQI 465, मुंडका 457, ओखला फेज-2 452, आनंद विहार 458, आरके पुरम 447, पंजाबी बाग 444, पटपड़गंज 446, चांदनी चौक 443, आईटीओ 442, जहांगीरपुरी 441, अशोक विहार 436, वजीरपुर 434, विवेक विहार 432, सीरीफोर्ट 437, एनएसआईटी द्वारका 431 और द्वारका सेक्टर-8 434 दर्ज किया गया।

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि दिल्ली के अधिकांश हिस्सों में हवा सांस लेने लायक नहीं रह गई है। PM2.5 और PM10 जैसे सूक्ष्म कणों का स्तर स्वास्थ्य के लिए घातक है, जो सांस की बीमारियां, हृदय रोग और फेफड़ों की समस्याओं को बढ़ावा देते हैं। यह स्थिति न केवल वयस्कों बल्कि बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।

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डॉक्टरों की सलाह है कि बाहर निकलने से बचें, मास्क पहनें और घर में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें। सरकार द्वारा लागू GRAP-4 के तहत निर्माण कार्यों पर रोक, वाहनों की एंट्री पर प्रतिबंध और अन्य उपाय किए जा रहे हैं, लेकिन कम हवाओं और बाहरी स्रोतों (जैसे पराली जलाना, उद्योग) से राहत मिलना मुश्किल हो रहा है।

पूर्वानुमान के अनुसार, क्रिसमस और नए साल के आसपास भी हवा की गुणवत्ता खराब रहेगी, जिससे त्योहारों का मजा किरकिरा हो सकता है। नागरिकों से अपील है कि वे प्रदूषण कम करने में योगदान दें – वाहनों का कम इस्तेमाल करें, पटाखे न जलाएं और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दें। अगर मौसम में बदलाव आया और हवाएं तेज हुईं, तो ही कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। फिलहाल, दिल्लीवासी इस जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर हैं।

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