नई दिल्ली, 1 नवंबर 2025। Delhi Pollution: दिल्ली-एनसीआर में सर्दी की दस्तक के साथ ही हवा की गुणवत्ता ने शहरवासियों की जिंदगी को दम तोड़ दिया है। 1 नवंबर 2025 को दिल्ली का औसत AQI (एयर क्वालिटी इंडेक्स) 327 तक पहुंच गया, जो ‘हैजर्डस’ कैटेगरी में आता है।
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आनंद विहार, वजीरपुर और फरीदाबाद जैसे इलाकों में तो यह आंकड़ा 300 से भी ऊपर चढ़ गया है, जहां PM2.5 का स्तर 233 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तक पहुंच चुका है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, पूरे क्षेत्र में धुंध की चादर बिछी हुई है, जो सांसों पर भारी बोझ बन रही है।

इस प्रदूषण का मुख्य कारण पराली जलाना, वाहनों का धुआं, निर्माण कार्य और मौसम की उलटी फेरबदल है। हरियाणा और पंजाब से आने वाली धुंध ने दिल्ली को घेर लिया है, जबकि पड़ोसी राज्यों में भी AQI 250-300 के बीच घूम रहा है। फरीदाबाद में 310 का AQI दर्ज किया गया, जो निवासियों के लिए खतरे की घंटी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति नवंबर के पहले सप्ताह तक बनी रह सकती है, जब तक हवा की गति न बढ़े।
प्रदूषण के प्रभाव गंभीर हैं। सांस संबंधी बीमारियां, आंखों में जलन, खांसी और बच्चों व बुजुर्गों में सांस फूलना आम हो गया है। अस्पतालों में मरीजों की संख्या 20% बढ़ चुकी है। सरकार ने BS-VI डीजल ट्रकों पर प्रतिबंध लगा दिया है, लेकिन यह कदम पर्याप्त नहीं लग रहा। कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने GRAP-2 के तहत निर्माण कार्य सीमित करने और ऑड-ईवन की तैयारी शुरू कर दी है।
नागरिकों को मास्क पहनने, घर के अंदर एयर प्यूरीफायर इस्तेमाल करने और बाहर कम निकलने की सलाह दी जा रही है। क्या आपका इलाका भी इस धुंध की चपेट में है? अपने AQI चेक करें और साझा करें – क्योंकि साफ हवा सबका हक है। प्रदूषण से लड़ाई में हम सबको एकजुट होना होगा(
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