नई दिल्ली, 27 नवंबर 2025। Delhi Pollution: दिल्ली-एनसीआर में सर्दी की दस्तक के साथ ही हवा की गुणवत्ता फिर से चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई है। 27 नवंबर 2025 को सुबह 9 बजे तक दिल्ली का समग्र एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 573 तक पहुंच गया, जो ‘हैजर्डस’ श्रेणी में आता है।
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, पीएम2.5 का स्तर 362 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और पीएम10 का 476 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। यह स्तर लोगों के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और श्वास संबंधी बीमारियों से ग्रस्त व्यक्तियों के लिए। उत्तर-पश्चिम दिल्ली के बवाना इलाके में स्थिति सबसे विकराल है, जहां AQI 400 से ऊपर चढ़ गया है।

वायु गुणवत्ता मॉनिटरिंग स्टेशनों के डेटा से पता चलता है कि यहां पीएम10 का स्तर 666 माइक्रोग्राम तक पहुंचा, जो ‘सीवियर’ कैटेगरी में है। इसी तरह, नोएडा सेक्टर-1 में AQI 598 दर्ज किया गया, जबकि आनंद विहार और रोहिणी जैसे क्षेत्रों में यह 500-550 के बीच रहा। एनसीआर के अन्य हिस्सों जैसे गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी AQI 300-400 के दायरे में है, लेकिन बवाना और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर सबसे अधिक है।
प्रदूषण के प्रमुख कारणों में वाहनों से निकलने वाले धुएं, पराली जलाना, निर्माण कार्य और मौसमी कारक शामिल हैं। कम हवा की गति (4 किमी/घंटा) और उच्च आर्द्रता (77%) के कारण प्रदूषक कण हवा में लटक रहे हैं। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, अगले कुछ दिनों में हवा की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ बनी रह सकती है, हालांकि 28 नवंबर से हल्की हवाओं से कुछ राहत मिल सकती है।
ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत स्टेज-3 के प्रतिबंध हटा दिए गए हैं, लेकिन स्टेज-1 और 2 के उपाय जारी हैं। इसमें निर्माण गतिविधियों पर पाबंदी, पुराने वाहनों पर प्रतिबंध और धूल नियंत्रण के लिए पानी छिड़काव शामिल हैं। कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने सभी राज्यों को सख्ती से निर्देश दिए हैं। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे घर से बाहर कम निकलें, एन-95 मास्क पहनें, एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें और खिड़कियां बंद रखें।
विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक इस प्रदूषण से एस्थमा, हृदय रोग और फेफड़ों की समस्याएं बढ़ सकती हैं। दिल्ली सरकार ने स्कूलों में ऑनलाइन क्लासेस जारी रखने का फैसला किया है।अपने इलाके का AQI चेक करने के लिए CPCB की वेबसाइट या AQI.in ऐप का सहारा लें। प्रदूषण से निपटने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है – वाहनों का कम इस्तेमाल करें, पेड़ लगाएं और जागरूकता फैलाएं। क्या आपका इलाका भी इस जहरीली हवा की चपेट में है? तुरंत जांचें और सावधानी बरतें।
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