नई दिल्ली, 26 नवंबर 2025। अमेरिका से प्रत्यर्पित गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का भाई अनमोल बिश्नोई अब भारतीय जांच एजेंसियों के निशाने पर है। दिल्ली पुलिस ने सलमान खान के घर पर फायरिंग और अन्य मामलों में उसके खिलाफ ठोस सबूत जुटाने के लिए वॉयस सैंपल लेने का फैसला किया है। अनमोल को रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की मांग की जा रही है, ताकि उसके गैंग के नेटवर्क और साजिशों का पर्दाफाश हो सके।
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19 नवंबर 2025 को दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर उतरते ही एनआईए ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। पटियाला हाउस कोर्ट ने एनआईए को 11 दिनों की रिमांड दी है, लेकिन दिल्ली पुलिस भी कतार में खड़ी है। अनमोल बिश्नोई, जिसे ‘छोटा डॉन’ कहा जाता है, लॉरेंस बिश्नोई गैंग का प्रमुख वारिस माना जाता है। 2023 में अमेरिका में गिरफ्तार होने के बाद लंबी कानूनी जंग के बाद उसे भारत प्रत्यर्पित किया गया।
एनआईए के मुताबिक, अनमोल एक अंतरराष्ट्रीय क्रिमिनल-टेरर सिंडिकेट का हिस्सा है, जो विदेशों से भारत में आतंकी गतिविधियों के लिए फंड जुटाता और युवाओं को भर्ती करता था। सबसे पहले गवाहों से उसकी शिनाख्त (पहचान) कराई जाएगी, फिर वॉयस सैंपल और अन्य फोरेंसिक सबूत इकट्ठे किए जाएंगे। दिल्ली पुलिस का मानना है कि अनमोल के वॉयस सैंपल से सलमान खान को धमकियों और फायरिंग की साजिश से जुड़े ऑडियो की पुष्टि हो सकेगी।
अनमोल पर 18 से अधिक मामलों में आरोपी है, जिनमें पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की 2022 हत्या, एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की 2024 हत्या, सलमान खान के घर पर 2024 फायरिंग, राजस्थान में करोड़ों की वसूली और दिल्ली में बिजनेसमैन से उगाही शामिल हैं। 2012 से उसके खिलाफ पहला केस दर्ज है। एनआईए ने कोर्ट को बताया कि अनमोल ने फर्जी पासपोर्ट ‘भानु प्रताप’ के नाम से अमेरिका भागा था, जहां से वह ऑनलाइन धमकियां भेजता रहा।
लॉरेंस ने मूसेवाला हत्याकांड से पहले उसे देश से निकालने की योजना बनाई थी। एनआईए की रिमांड के बाद दिल्ली, मुंबई, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा और महाराष्ट्र पुलिस रिमांड के लिए प्रोडक्शन वारंट दाखिल करेंगी। संभावना है कि लॉरेंस और अनमोल का आमना-सामना हो, जिससे गैंग के राज खुलें। गैंग का नेटवर्क 13 राज्यों में फैला है, जिसमें दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, गुजरात समेत कई जगहें शामिल हैं।
विशेष सुरक्षा के बीच अनमोल को तिहाड़ जेल या साबरमती जेल में रखने पर विचार हो रहा है। यह प्रत्यर्पण अंडरवर्ल्ड पर केंद्रित कार्रवाई का हिस्सा है। अमेरिका, कनाडा से अन्य गैंगस्टर भी लाए जा रहे हैं। अनमोल की पूछताछ से न केवल हाई-प्रोफाइल केस सुलझेंगे, बल्कि युवाओं को गैंग्स में भर्ती रोकने में मदद मिलेगी। दिल्ली पुलिस का कहना है कि वॉयस सैंपल से डिजिटल सबूत मजबूत होंगे, जिससे सजा सुनिश्चित होगी। कुल मिलाकर, अनमोल का भारत आना कानून प्रवर्तन के लिए बड़ी जीत है, जो गैंगवार को कुचलने की दिशा में कदम है।








