नई दिल्ली 29 नवंबर 2025। Delhi Blast Case: दिल्ली के लाल किले के पास हाल ही में हुए कार ब्लास्ट ने पूरे देश को हिला दिया था। इस घटना में 15 लोगों की जान चली गई और दर्जनों घायल हुए। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की ताबड़तोड़ कार्रवाई में अब एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर के तौर पर काम करने वाली डॉक्टर शाहीन सईद की अलमारी से 18 लाख रुपये का कैश बरामद हुआ है।
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यह रकम एक साधारण पॉलीथिन बैग में छुपाकर रखी गई थी, जो कमरा नंबर 22 के हॉस्टल रूम में मिली। NIA को शक है कि यह कैश आतंकी गतिविधियों के लिए फंडिंग का हिस्सा था। गुरुवार रात को NIA की टीम ने यूनिवर्सिटी कैंपस पर छापेमारी की। पहले शाहीन के लॉकर की तलाशी ली गई, जहां से उर्दू में लिखे महत्वपूर्ण दस्तावेज, पेन ड्राइव और कुछ नकदी मिली। उसके बाद हॉस्टल रूम में जाकर अलमारी खोली तो वहां यह भारी राशि बरामद हुई।

शाहीन, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखनऊ की रहने वाली हैं, यूनिवर्सिटी में मेडिकल वार्ड और क्लासरूम में पढ़ाती थीं। जांच में पता चला कि वह सफेद कोट के पीछे आतंकी मॉड्यूल चला रही थीं। NIA ने उन्हें कैंपस ले जाकर निशानदेही कराई, जहां उन्होंने अपने संपर्कों और गतिविधियों का रूट मैप बताया। पूछताछ में और भी झकझोरने वाले तथ्य सामने आए हैं।
शाहीन का मुख्य आरोपी मुजम्मिल शकील गनई से निकाह हो चुका है, जो 2023 में अल-फलाह यूनिवर्सिटी में हुई मुलाकात से शुरू हुआ। मुजम्मिल ने बताया कि शाहीन ने उन्हें हथियार खरीदने के लिए 6.5 लाख रुपये दिए थे। इसके अलावा, 2024 में हमलावर उमर उन नबी को आई 20 कार (जिसका इस्तेमाल ब्लास्ट में हुआ) खरीदने के लिए 3 लाख रुपये उधार दिए गए। कुल मिलाकर, शाहीन पर 27-28 लाख रुपये की फंडिंग उपलब्ध कराने का आरोप है।
यह रकम जकात के नाम पर एक अनट्रेस्ड कैश चैनल से आई बताई जा रही है। NIA को संदेह है कि यह पैसा पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद (JeM) की महिला शाखा से जुड़ा है, जिसका काम भारत में नेटवर्क स्थापित करना था। शाहीन महिलाओं को भर्ती करने और कट्टरपंथ फैलाने में माहिर थीं। यूनिवर्सिटी को सुरक्षित ठिकाना बनाकर मीटिंग्स आयोजित की जाती थीं। NIA ने खोरी जमालपुर गांव में किराए के फ्लैट और नेहरू ग्राउंड लोहा मंडी में केमिकल दुकानों की जांच भी की।
सहारनपुर से बरामद वाहनों की फोरेंसिक रिपोर्ट में विस्फोटक के निशान मिले। अब जांच कानपुर, लखनऊ और मेवात तक फैल चुकी है। एजेंसी सभी संदिग्धों की लिस्ट तैयार कर रही है, जिनमें यूनिवर्सिटी स्टाफ और छात्र शामिल हैं। यह खुलासा ‘व्हाइट कोट टेरर मॉड्यूल’ को बेनकाब करता है, जहां मेडिकल प्रोफेशन को कवर बनाकर आतंकी साजिश रची जाती थी। NIA ने शाहीन और अन्य सात आरोपियों को विभिन्न राज्यों में ले जाकर पूछताछ तेज कर दी है।
दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर बी-टीम की तलाश जारी है। यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा दर्शाता है। सरकार ने सख्त कदम उठाने का ऐलान किया है, ताकि ऐसे नेटवर्क को जड़ से उखाड़ फेंका जा सके।
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