नई दिल्ली, 17 अक्टूबर 2025। Delhi AQI: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) सुबह 8 बजे 367 तक पहुंच गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, आनंद विहार जैसे इलाकों में AQI खतरनाक स्तर (हजार्डस) को छू गया, जबकि अक्षरधाम में यह 369 दर्ज किया गया। दिवाली से 10 दिन पहले ही यह स्थिति लोगों की सांसों को फूला रही है। सुबह 5:30 बजे AQI 242 था, जो ‘खराब’ था, लेकिन दोपहर तक यह 314 हो गया। विशेषज्ञों का कहना है कि ठंडी हवाओं और पड़ोसी राज्यों से आने वाले प्रदूषकों ने स्थिति बिगाड़ दी है।
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स्वास्थ्य प्रभाव
सांस संबंधी बीमारियां बढ़ींउच्च AQI स्तर से शहरवासियों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है। डॉक्टरों के मुताबिक, 300 से ऊपर AQI होने पर अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और हृदय रोगियों को खतरा बढ़ जाता है। अस्पतालों में सांस संबंधी शिकायतों के मामले 20% बढ़े हैं। बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, लोग मास्क पहनने और घरों में रहने को मजबूर हैं। एक सर्वे में 70% दिल्लीवासियों ने बताया कि आंखों में जलन और गले में खराश उनकी रोजमर्रा की जिंदगी बाधित कर रही है।
इस वजह से खराब हुई हवा

दिल्ली की खराब एयर क्वालिटी के पीछे पराली जलाना प्रमुख कारण है। पंजाब और हरियाणा से आने वाला धुआं दिल्ली की हवा को जहर बना रहा है। इसके अलावा, वाहनों की संख्या, निर्माण कार्य और औद्योगिक उत्सर्जन भी योगदान दे रहे हैं। एक अन्मेय रिपोर्ट के अनुसार, शहरों में दिल्ली का AQI सबसे खराब है, जबकि चेन्नई का ‘अच्छा’ है। मौसम विभाग (IMD) ने पूर्वानुमान जारी किया है कि अगले कुछ दिनों में हवा की गति कम होने से प्रदूषण और बढ़ेगा। राजनीतिक स्तर पर भी बहस छिड़ी है, जहां नेता एक-दूसरे पर दोषारोपण कर रहे हैं।
GRAP चरण लागू हो
सरकार ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत चरण-2 लागू कर दिया है। निर्माण कार्य सीमित, पुराने वाहनों पर पाबंदी और धूल नियंत्रण के आदेश जारी हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपील की कि पटाखों का उपयोग न करें।
विशेषज्ञों की सलाह
INDOOR रहें, HEPA फिल्टर एयर प्यूरीफायर यूज करें, मॉइस्चराइजर लें और ज्यादा पानी पिएं। लंबे समय के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा और हरित ऊर्जा जरूरी। यदि स्थिति यूं ही रही, तो दिवाली पर AQI 400 पार कर सकता है। दिल्लीवासी उम्मीद कर रहे हैं कि सामूहिक प्रयास से यह संकट टल जाए।
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