Home » ताजा खबरें » DDA Redevelopment: दिल्ली की जर्जर सोसायटियों को मिलेगा नया जीवन, DDA ने तैयार किया खाका

DDA Redevelopment: दिल्ली की जर्जर सोसायटियों को मिलेगा नया जीवन, DDA ने तैयार किया खाका

Share :

DDA Redevelopment

Share :

नई दिल्ली, 29 नवंबर 2025। DDA Redevelopment: राजधानी की 50-60 साल पुरानी कोऑपरेटिव ग्रुप हाउसिंग सोसायटियां अब जर्जर हो चुकी हैं। लिफ्ट खराब, सीवर लाइन चोक, पार्किंग की भारी किल्लत और इमारतों में दरारें, ये रोज़ की समस्याएं बन चुकी हैं। इन पुरानी सोसायटियों को नए सिरे से विकसित करने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने ऐतिहासिक कदम उठाया है। DDA ने “रीडिवेलपमेंट ऑफ कोऑपरेटिव ग्रुप हाउसिंग सोसायटियां ” पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है और 11 दिसंबर 2025 को विकास सदन (INA) में सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ खुली चर्चा का आयोजन किया जा रहा है।

इसे भी पढ़ें- DDA Housing Scheme: दिल्ली में सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, 3500 फ्लैट्स की स्कीम से पूरा होगा घर का सपना

तीन सत्रों में होगी मैराथन मीटिंग
  • सुबह 10:00 से 11:30 बजे: कोऑपरेटिव ग्रुप हाउसिंग सोसायटियां
  • सुबह 11:30 से दोपहर 1:00 बजे: DDA द्वारा विकसित ग्रुप हाउसिंग कॉम्प्लेक्स
  • दोपहर 1:00 से 2:00 बजे: सरकारी एजेंसियों/PSU द्वारा विकसित सोसायटियां

DDA ने साफ कहा है कि हर सोसायटी से अधिकतम दो प्रतिनिधि ही आएं, ताकि व्यवस्थित तरीके से चर्चा हो सके। IP एक्सटेंशन, मयूर विहार फेज-1, द्वारका, रोहिणी, पश्चिम विहार, पटपड़गंज और आउटर दिल्ली की सैकड़ों सोसायटियां इस पॉलिसी का बेसब्री से इंतज़ार कर रही हैं। ड्राफ्ट की 10 बड़ी बातें जो बदल देंगी दिल्ली का चेहरा। 50% तक अतिरिक्त FAR का इंसेंटिव, निजी प्लॉट पर अधिकतम 400 FAR तक मिल सकेगा (लुटियंस जोन, सिविल लाइंस और हेरिटेज जोन को छोड़कर)।

  • 4 हेक्टेयर तक की सोसायटियों को सीधे प्लानिंग मंजूरी नहीं लेनी पड़ेगी।
  • 3000 वर्ग मीटर से छोटी सोसायटियां भी क्लस्टर बनाकर रीडिवेलप कर सकेंगी।
  • कम से कम 30% जगह कॉमन ग्रीन, सॉफ्ट पार्किंग और सर्कुलेशन के लिए आरक्षित रहेगी।
  • सर्विस लेन को स्कीम में शामिल कर पब्लिक एरिया बनाया जा सकेगा (बिना अतिरिक्त FAR)।
  • मौजूदा स्कूल, अस्पताल, डिस्पेंसरी, पुलिस स्टेशन, पार्क आदि को या तो मौके पर रखा जाएगा या वैकल्पिक जगह दी जाएगी।
  • पार्किंग और कमर्शियल सुविधाओं के लिए 10% अतिरिक्त FAR मान्य।
  • पेडेस्ट्रीयन और वाहनों का ट्रैफिक पूरी तरह अलग-अलग, हर ब्लॉक में इमरजेंसी वाहनों की एंट्री अनिवार्य।
  • मेट्रो कॉरिडोर, हाई-टेंशन लाइन, हेरिटेज जोन के आसपास विशेष नियंत्रण।
  • रीडिवेलपमेंट स्कीम को संबंधित लोकल बॉडी से मंजूरी लेनी होगी।

DDA उपाध्यक्ष ने कहा है कि यह पॉलिसी दिल्ली को “स्लम-फ्री, मॉडर्न और सस्टेनेबल” बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। 11 दिसंबर की बैठक के बाद प्राप्त सुझावों को शामिल कर अंतिम पॉलिसी जनवरी 2026 तक नोटिफाई करने का लक्ष्य है। इस कदम से न केवल लाखों निवासियों को आधुनिक फ्लैट, बेहतर पार्किंग और खुली जगह मिलेगी, बल्कि दिल्ली का पुराना चेहरा पूरी तरह बदल जाएगा। अब बस इंतज़ार है उस ऐतिहासिक दिन का, जब दिल्ली की पुरानी सोसायटियाँ नए कलेवर में नज़र आएंगी।

इसे भी पढ़ें- दिल्ली में DDA ने तीन साल में 5 जगहों से हटाया अतिक्रमण, 5158 परिवार हुए विस्थापित – सरकार ने दी जानकारी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
News Portal Development Services in Uttar Pradesh
Cricket Score
सबसे ज्यादा पड़ गई
Share Market

शहर चुनें

Follow Us