लखनऊ, 22 नवंबर 2025। Dalmandi Demolition: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वाराणसी की ऐतिहासिक दालमंडी में सड़क चौड़ीकरण के नाम पर हो रहे ध्वस्तीकरण को ‘राजनीतिक ध्वस्तीकरण’ करार दिया है। उन्होंने योगी आदित्यनाथ सरकार पर आरोप लगाया कि विकास की आड़ में व्यापारियों को निशाना बनाया जा रहा है, जो राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है।
इसे भी पढ़ें- अखिलेश यादव के ‘फिजूलखर्ची’ वाले बयान पर फूटा राम भक्तों का गुस्सा, कहा- सपा के हाथ खून से रंगे हैं
शुक्रवार को लखनऊ में पार्टी मुख्यालय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए अखिलेश ने कहा, “भाजपा दालमंडी वालों को दाल की तरह दले नहीं। आप मुआवज़े में दूसरी जगह दुकान तो दे सकते हैं, लेकिन ग्राहक नहीं। एक दुकान जमाने में ज़माने लगते हैं, लेकिन उजाड़ने में कुछ पल भी नहीं।” वाराणसी के दालमंडी बाजार, जो सदियों पुराना है और मुख्य रूप से दाल-चावल के थोक व्यापार के लिए जाना जाता है, इन दिनों विवादों में घिरा है। सरकार की ओर से सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत कई दुकानों और भवनों को तोड़ा जा रहा है।
व्यापारियों का आरोप है कि, बिना उचित मुआवजा या वैकल्पिक व्यवस्था के यह कार्रवाई की जा रही है। अखिलेश ने इसे ‘संकीर्ण सियासत की साजिश’ बताया और कहा कि भाजपा की संकरी सोच वाले लोग चौड़ीकरण की बात कर रहे हैं, जो विरोधाभास है। उन्होंने चेतावनी दी कि “कुदरत का इंसाफ एक दिन भाजपा की नकारात्मक राजनीति को भी ढहा देगा। किसी की जीविका छीनने का अधिकार भाजपा को नहीं है।”
अखिलेश ने यह भी दावा किया कि उत्तर प्रदेश में मेट्रो ट्रेनें समाजवादी पार्टी की देन हैं, जबकि भाजपा ने वाराणसी का विकास रोका है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा, “सब नोट हो रहा है…” और मांग की कि ध्वस्तीकरण तुरंत रोका जाए। उनका इशारा हाल के बिहार चुनाव परिणामों की ओर भी था, जहां bulldozer politics एक मुद्दा बना। अखिलेश ने लखनऊ के अकबरनगर में हुए ध्वस्तीकरण का जिक्र करते हुए कहा कि मुस्लिम बहुल इलाकों को निशाना बनाया जा रहा है, जो राजनीतिक बदले की भावना से है।
दालमंडी के व्यापारियों ने पिछले कई सालों से सरकारी फैसलों के कारण संकट झेला है। अखिलेश ने कहा कि भाजपा दूसरों को दुख देकर अपनी ताकत का इजहार करती है, लेकिन जीत तो सिकंदर को भी अमर नहीं कर सकी। उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि वे एकजुट रहें और सरकार की इस कार्रवाई का विरोध करें। सपा नेता ने वादा किया कि उनकी पार्टी व्यापारियों के हक के लिए लड़ती रहेगी। यह मुद्दा अब सोशल मीडिया पर भी छाया हुआ है, जहां #DalmandiDemolition ट्रेंड कर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा सकता है। वाराणसी, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है, में ऐसे मुद्दे भाजपा के लिए चुनौती बन सकते हैं। अखिलेश की यह टिप्पणी विपक्ष की रणनीति का हिस्सा लगती है, जहां bulldozer को राजनीतिक हथियार बनाया जा रहा है। सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, चौड़ीकरण परियोजना शहर के यातायात सुधार के लिए जरूरी है।
इसे भी पढ़ें- अखिलेश यादव का फेसबुक पेज फिर से एक्टिव, 85 लाख फॉलोअर्स लौटे वापस, सपा में उत्साह








