मेरठ, 19 सितंबर 2025। Communal Tension: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के सरधना थाना क्षेत्र के मेहरमती गणेशपुर गांव में एक मामूली विवाद ने सांप्रदायिक तनाव का रूप ले लिया। एक युवती से छेड़छाड़ की घटना पर दो समुदायों के बीच भारी टकराव हो गया, जिसमें बदमाशों ने करीब 12 राउंड फायरिंग की। इस हिंसक झड़प में कम से कम 12 ग्रामीण घायल हो गए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है, और पुलिस भारी फोर्स तैनात कर स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गई है। घटना गुरुवार शाम की है।
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ग्रामीणों के अनुसार, एक युवती खेत में गोबर डालने जा रही थी, तभी कुछ बदमाशों ने उसके साथ छेड़छाड़ की कोशिश की। युवती के चीखने पर उसके परिवार वाले पहुंचे, जिससे विवाद भड़क गया। हिंदू समुदाय के लोगों ने घटना का विरोध जताया, तो मुस्लिम पक्ष के लोग धारदार हथियारों और तमंचों से लैस होकर युवती के घर में घुस आए। उन्होंने घर में तोड़फोड़ की और कई राउंड फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में दूसरे पक्ष ने भी पथराव किया, जिससे झड़प और भयावह हो गई। करीब आधा घंटे तक चली इस अराजकता में छतों और सड़कों से पत्थरबाजी हुई, और गोलियों की आवाज से पूरा गांव थर्रा उठा।

महिलाओं और बच्चों की चीख-पुकार दूर-दूर तक सुनाई दी। सूचना मिलते ही सरधना, परतापुर और मवाना थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। घायलों को सीएचसी और जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि फायरिंग में अवैध तमंचों का इस्तेमाल हुआ। पुलिस ने ग्राम प्रधान समेत दोनों पक्षों के कई लोगों को हिरासत में ले लिया है।
एसएसपी मेरठ डॉ. विपिन त्रिपाठी ने बताया कि मामला सांप्रदायिक रंग ले चुका है, इसलिए एहतियातन गांव में पीएसी और आरआरपी की टुकड़ियां तैनात की गई हैं। रातभर गश्त जारी रही, और इंटरनेट मीडिया पर वायरल वीडियो में युवक लाठियां, डंडे और हथियार लिए नजर आ रहे हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि पुरानी रंजिशों ने इस विवाद को भड़काया।

एक ग्रामीण ने बताया, “मामूली बात पर इतना बवाल हो गया कि परिवार सहम गए।” प्रशासन ने शांति समिति की बैठक बुलाई है, और दोनों पक्षों से समझौते की कोशिश की जा रही है। भाजपा और सपा के स्थानीय नेता भी गांव पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोका। विशेषज्ञों का मानना है कि मेरठ जैसे संवेदनशील इलाकों में छोटे विवाद सांप्रदायिक हिंसा में बदल जाते हैं, इसलिए सतर्कता जरूरी है।
पुलिस ने आईपीसी की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया गया है। यह घटना उत्तर प्रदेश में सांप्रदायिक सद्भाव पर सवाल खड़े कर रही है।
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